क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने रिकॉर्ड बनाए और दुनिया भर में नाम कमाया. इनमें से कुछ महान क्रिकेटर ऐसे भी रहे, जो कभी भारत की धरती पर खेल ही नहीं सके. इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन, तेज गेंदबाज डेनिश लिली, पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल, विकेटकीपर रोड मार्श जैसे बड़े नाम शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि लिली, चैपल और मार्श ने एक साथ इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था.
डॉन ब्रैडमैन का भारत दौरा सिर्फ एयरपोर्ट तक सीमित रहा
क्रिकेट इतिहास में 99.94 की टेस्ट औसत आज भी एक सपना मानी जाती है. डॉन ब्रैडमैन ने 52 टेस्ट मैचों में 6996 रन बनाए और 29 शतक जड़े. भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड और भी ज्यादा खतरनाक रहा. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में भारत के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों में 715 रन बनाए. कहा जाता है कि ब्रैडमैन ने अपने करियर के दौरान भारत दौरे से दूरी बनाए रखी. हालांकि, 1953 में इंग्लैंड जाते समय उनका विमान ईंधन भरने के लिए कोलकाता में उतरा था और कुछ समय के लिए वे एयरपोर्ट पर रुके थे.
डेनिस लिली की रफ्तार भारत में कभी नहीं दिखी
70 और 80 के दशक में डेनिस लिली की गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम थी. उन्होंने 70 टेस्ट मैचों में 355 विकेट झटके और लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखा. भारत के खिलाफ उन्होंने सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेले और 21 विकेट हासिल किए. भारतीय पिचों पर उनकी तूफानी गेंदबाजी देखने को नहीं मिली.
ग्रेग चैपल का भारत में खेलने का सपना अधूरा रहा
ऑस्ट्रेलिया के सबसे क्लासिक बल्लेबाजों में गिने जाने वाले ग्रेग चैपल ने 87 टेस्ट मैचों में 7110 रन बनाए. उनके नाम 24 टेस्ट शतक दर्ज हैं. डेब्यू और आखिरी टेस्ट दोनों में शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा.
भारत के खिलाफ उन्होंने शानदार औसत से रन बनाए, लेकिन उनके सभी मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में ही खेले गए। भारत में खेलने का सपना उनका भी अधूरा रह गया।
भारतीय दर्शक लाइव नहीं देख सके रोडनी मार्श की विकेटकीपिंग
रोडनी मार्श अपने दौर के सबसे भरोसेमंद विकेटकीपर माने जाते थे. उन्होंने 96 टेस्ट मैचों में 343 कैच और 12 स्टंपिंग कीं. भारत के खिलाफ भी उन्होंने शानदार विकेटकीपिंग की, लेकिन उनके सभी मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में ही हुए. भारतीय दर्शक कभी उनकी विकेटकीपिंग का लाइव रोमांच नहीं देख सके.
कर्टली एम्ब्रोस की खतरनाक गेंदबाजी भारत में नहीं दिखी
7 फीट लंबे कर्टली एम्ब्रोस अपनी खतरनाक लाइन-लेंथ और बाउंस के लिए मशहूर थे. उन्होंने 98 टेस्ट मैचों में 405 विकेट लिए और दुनिया के सबसे घातक तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई. भारत के खिलाफ उन्होंने 9 टेस्ट मैच खेले, लेकिन एक भी मुकाबला भारतीय जमीन पर नहीं हुआ. भारतीय बल्लेबाजों को उनके खिलाफ घरेलू पिचों पर खेलने का मौका नहीं मिला.
तीन दिग्गजों ने एक साथ लिया संन्यास
डेनिस लिली, ग्रेग चैपल और रोडनी मार्श ने जनवरी 1984 में सिडनी टेस्ट के बाद एक साथ इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया था. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में यह पल बेहद खास माना जाता है, क्योंकि एक ही दौर के तीन सुपरस्टार एक साथ विदा हुए थे.
