दिवाली की रात आस्था के दीप जलते ही अपने भक्तों को दर्शन देने धरती पर स्वयं मां लक्ष्मी पधारती हैं. उनके संग शुभता के देव श्री गणेश भी होते हैं. इस बार दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं. पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है. प्रदोष काल 12 नवंबर को शाम 05.28 बजे से रात 08:07 बजे तक रहेगा, जिसमें वृषभ काल (स्थिर लग्न) 05.39 बजे से 07.33 बजे तक रहेगा. इस अवधि में पूजा करना उत्तम होगा. यानी लक्ष्मी पूजन के लिए आपको 1 घंटा 54 मिनट का समय मिलेगा. दिवाली के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाई।