बचपन की एक यादगार कहानी जिसमें Dharmendra Ji स्कूल में पगड़ी नहीं बांधकर गए थे. उन्हें लगा कि वह स्कूल teacher के बेटे हैं, इसलिए teacher कुछ नहीं कहेंगे. लेकिन teacher ने उन्हें खूब डांटा. फिर Dharmendra Ji अपने पापा के पास गए और बोले कि teacher ने मुझे डांटा. पापा ने भी उन्हें डांटा और कहा, “चल घर जा और पगड़ी बांध कर आ।” तभी जाकर Dharam Ji ने पगड़ी बांध दी। यह कहानी उनके बचपन और displine की एक प्यारी याद दिखाती है।