खुशखबरी! ब्रेस्ट कैंसर में हर महिला के लिए जरूरी नहीं कीमोथेरेपी
ये रिसर्च उन महिलाओं को प्रभावित करेगी जो एस्ट्रोजन सेंसिटिव हैं. जिनका टेस्ट नेगेटिव आया है, जिन्हें फर्स्ट स्टेज का ब्रेस्ट कैंसर है या फिर जिनके ब्रेस्ट में गांठें पाईं गई हैं. फोटोः इंस्टाग्राम
ये रिसर्च ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट का एक ट्रायल मात्र है. इस पर अभी और रिसर्च होना बाकी है. ये ट्रायल अमेरिका में 2006 में 10 हजार महिलाओं पर शुरू हुआ था.फोटोः इंस्टाग्राम
ये रिसर्च न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई थी. आपको बता दें. दुनियाभर में महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे कॉमन है.फोटोः इंस्टाग्राम
इस रिसर्च से पता चला है कि ब्रेस्ट कैंसर अलग-अलग तरीके का होता है. अच्छी बात ये है कि अब इन अलग-अलग टाइप के कैंसर का इलाज भी अलग-अलग ढूंढ लिया गया है.फोटोः इंस्टाग्राम
अमेरिकी कैंसर सोसाइटी के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ ओटिस ब्रॉली का कहना है कि हम काफी समय से ब्रेस्ट कैंसर के अनावश्यक ट्रीटमेंट से चिंतित थे. लेकिन अब महिलाओं को सही ट्रीटमेंट मिल सकता है.फोटोः इंस्टाग्राम
सीएनएन के मुताबिक, जिन महिलाओं में कैंसर के दोबारा होने या कैंसर के जीन दोबारा पनपने का डर रहता है उन्हें कीमोथेरेपी की ज्यादा जरूरत होती हैं. बता दें, सालभर में 85,000 से अधिक महिलाएं इससे प्रभावित होती हैं.फोटोःइंस्टाग्राम
शिकागो की अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्ल निकल ऑन्कलॉजी ने इस रिसर्च में बताया गया कि इस रिसर्च को एक लंबे दशक तक किया गया.फोटोःइंस्टाग्राम
नई रिसर्च के मुताबिक, 70 फीसदी महिलाओं में कॉमन टाइप के प्राथमिक स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर में कीमोथेरेपी की जरूरत को नजरअंदाज किया जा सकता है.फोटोः इंस्टाग्राम
आमतौर पर ये माना जाता है कि ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट में कीमोथेरेपी की जरूरत होती है. लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया है कि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करवाने वाली महिलाओं में हर किसी को कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं होती.फोटोः गूगल फ्री इमेज