सावधान, फल नहीं खाने वाली महिलाओं को मां बनने में हो सकती है देरी
यूनिवर्सिटी ऑफ एडीलेड में पोस्ट डॉक्टरेट कर रहीं रिसर्च फेलो जेसिका ग्रीगर ने कहा कि हम महिलाओं से यही कहते हैं कि अगर वे गर्भधारण करना चाहती हैं तो उन्हें अपने भोजन में गुणकारी स्वस्थ चीजों को शामिल करना होगा.
आंकड़ों से यह पता चलता है कि फास्ट फूड लगातार खाने से गर्भधारण में देरी होती है.
फास्टफूड खाने वाली महिलाओं में यह आठ फीसद से 16 फीसद तक बढ़ सकता है.
शोधकर्ताओं ने जब बच्चों के ना हो पाने को लेकर खान-पान के प्रभाव पर गौर किया तब उन्होंने पाया कि कम मात्रा में फल खाने वाली महिलाओं में इसका खतरा आठ फीसद से 12 फीसद तक बढ़ सकता है.
इसी तरह से जो महिलाएं फास्ट फूड कभी नहीं खातीं उनकी तुलना में एक सप्ताह में चार या उससे अधिक बार फास्ट फूड खाने वाली महिलाओं को गर्भधारण में एक महीना अधिक समय लगा.
उनकी तुलना में महीने में हर दिन एक से तीन बार से भी कम समय फल खाने वाली महिलाओं को गर्भधारण करने में आधा महीना अधिक समय लगा.
शोधकर्ताओं ने पहली बार मां बनीं ऐसी 5,598 महिलाओं के खान-पान के बारे में पता लगाया है. जिसमें यह पता चला कि जिन महिलाओं ने गर्भधारण के पहले महीने में हर दिन आमतौर पर तीन या उससे अधिक बार फल खाया है.
ऑस्ट्रेलिया में हुई एक नई रिसर्च में पता चला है कि कम मात्रा में फल और फास्ट फूड अधिक खाने वाली महिलाओं में एक साल के अंदर गर्भधारण की संभावना काफी कम रहती है.
ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी ऑफ एडीलेड में हुई रिसर्च का नेतृत्व क्लेयर रॉबर्ट्स ने किया. यह रिसर्च 'ह्यूमन रिप्रोडक्शन ' पत्रिका में प्रकाशित हुई.