किस ब्रीड के कुत्ते पालने का नहीं लेना होता लाइसेंस, जान लीजिए काम की बात
लेकिन कुत्ता पालना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा है.भारत में अब कुत्ते पालने के लिए भी कई नियम बन चुके हैं. खासकर शहरों में पेट पालने को लेकर लोकल अथॉरिटीज की गाइडलाइंस लागू हैं. कई मामलों में लाइसेंस लेना जरूरी हो जाता है.
लेकिन कुछ ब्रीड ऐसी भी हैं जिनके लिए आपको किसी तरह के लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती. अलग-अलग राज्यों और शहरों में डॉग पॉलिसी थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन ज्यादातर जगहों पर विदेशी और बड़ी ब्रीड के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया गया है.
अक्सर लोगों को लगता है कि हर पालतू कुत्ते के लिए लाइसेंस जरूरी है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. जिन ब्रीड को घरेलू और कम खतरनाक माना जाता है, उनके लिए आपको कोई सरकारी परमिशन या लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है. यानी आप आसानी से उन्हें अपने घर में पाल सकते हैं.
इनमें बात की जाए तो ज्यादातर भारतीय नस्ल के कुत्त आते हैं. जैसे कि इंडियन पैरियाह, राजापलायम, कोम्बई, चिंकारा हाउंड जैसी देसी ब्रीड्स को पालने के लिए आमतौर पर किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होती. इन्हें सरकार ने सेफ कैटेगरी में रखा है.
लेकिन अगर आप विदेशी नस्लों जैसे रॉटवीलर, पिटबुल, अमेरिकन बुलडॉग या डॉबरमैन पालना चाहते हैं तो आपको नगर निगम या लोकल बॉडी से लाइसेंस लेना जरूरी होता है. क्योंकि सरकार ने इन ब्रीड्स को खतरनाक कैटेगरी में रखा है और इन्हें लेकर नियम कड़े हैं.
अगर आप देसी ब्रीड्स के अलावा किसी भी और ब्रीड के बारे जानकारी चाहते हैं.तो फिर लोकल नगर निगम से जानकारी ले सकते हैं. वहां आपको स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी. किस ब्रीड के लिए लाइसेंस जरूरी है और किस ब्रीड के कुत्ते को आप बिना किसी लाइसेंस के पाल सकते हैं.