यूपीआई से किन-किन तरीकों से कर सकते हैं पेमेंट? जानें इसके फीचर्स और ट्रांजेक्शन लिमिट

भारत में अब पेमेंट का तरीका बिल्कुल बदल चुका है. पहले जहां लोगों हर चीज के लिए कैश का इस्तेमाल करते थे. लेकिन अब इसका तरीका बिल्कुल चेंज हो गया है. लोग लगभग सभी चीजों के लिए ऑनलाइन पेमेंट करते हैं.
साल 2016 में भारत में यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लाॅन्च किया गया. यूपीआई के जरिए अब चुटकियों में ही कहीं भी पेमेंट हो जाता है. साल-दर-साल भारत में यूपीआई उपभोग्ताओं की संख्या लगातर बढ़ती ही जा रही है.
नवंबर 2022 में जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुल 300 मिलियन से भी ज्यादा मंथली यूपीआई एक्टिव यूजर थे. वहीं अगर यूपीआई ट्रांजैक्शन की बात की जाए तो जनवरी 2024 से लेकर जून 2024 तक यूपीआई के जरिये 78.97 अरब ट्रांजैक्शन हुए हैं.
यूपीआई के जरिए आपके कई अलग-अलग बैंक अकाउंट एक ही ऐप से जोड़े जा सकते हैं. यूपीआई के जरिए पैसे भेजने और खाते में पैसे मंगाने के लिए वर्चुअल पेमेंट ऐड्रेस (VPA) का इस्तेमाल किया जाता है.
इसमें आप कई तरह से पेमेंट कर सकते हैं. यूपीआई में आप किसी के भी यूपीआई नंबर के जरिए, क्यूआर कोड के जरिए और यूपीआई आईडी के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. तो वहीं आप बैंक डिटेल्स के जरिए भी किसी को पेमेंट कर सकते हैं.
वहीं अगर यूपीआई के ट्रांजैक्शन लिमिट की बात की जाए तो इसमें डेली की लिमिट 1 लाख रुपये तक तय की गई है. हालांकि अलग-अलग बैंक के हिसाब से कम ज्यादा हो सकती है.
तो वहीं अब यूपीआई का इस्तेमाल एटीएम कार्ड की जगह भी कर सकते हैं. यानी अगर आप अपना एटीएम कार्ड घर पर भूल गए तो आप यूपीआई की मदद से भी एटीएम मशीन से कैश निकाल सकते हैं.