ट्रेन का बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम में मिली बड़ी राहत, जानें कैसे उठा सकते हैं इसका फायदा?
अब सबसे बड़ी राहत यह है कि यात्री ट्रेन के प्रस्थान से सिर्फ 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं. पहले चार्ट बनने के बाद यह सुविधा नहीं होती थी. लेकिन अब यह सुविधा चार्ट बनने के बाद भी जारी रहेगी. इसका मतलब है कि अगर आपका प्लान अचानक बदलता है. तो भी आप आसानी से एडजस्ट कर सकते हैं.
इस नए नियम का फायदा उठाना भी काफी आसान है. आपको बस IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर जाना है और 'Booked Ticket History' में अपने पीएनआर को खोलना है. वहीं पर आपको बोर्डिंग स्टेशन बदलने का विकल्प मिल जाएगा, जहां से आप नया स्टेशन चुन सकते हैं और अपडेट कर सकते हैं.
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को होगा जो भीड़भाड़ वाले बड़े स्टेशन से बचना चाहते हैं. मान लीजिए आपने नई दिल्ली से टिकट लिया है. लेकिन आप गाजियाबाद से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं, तो अब यह संभव है. इससे समय भी बचेगा और यात्रा भी ज्यादा आरामदायक हो जाएगी.
हालांकि इस सुविधा के साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े हैं. बोर्डिंग स्टेशन सिर्फ एक बार ही बदला जा सकता है, इसलिए सोच-समझकर ही फैसला लें. एक बार बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे. क्योंकि वहां से आपका बोर्डिंग अधिकार खत्म हो जाएगा.
इसके अलावा यह सुविधा हर टिकट पर लागू नहीं होती. विकल्प स्कीम वाले पीएनआर या करंट बुकिंग टिकट में यह ऑप्शन उपलब्ध नहीं हो सकता है. इसलिए टिकट बुक करते समय और बदलाव करते वक्त इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
कुल मिलाकर यह नया नियम यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इससे यात्रा प्लानिंग में लचीलापन बढ़ेगा और आखिरी समय की भागदौड़ भी कम होगी. रेलवे का यह कदम साफ दिखाता है कि अब फोकस यात्रियों को ज्यादा सुविधा देने पर है.