Railway Rules Change: टिकट बुकिंग से लेकर पैसेंजर चार्ट तक, रेलवे ने आज से बदल दिए हैं ये नियम

भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेलवे व्यवस्था है. रोजाना देशभर में करीब 2.5 करोड़ से ज्यादा यात्री ट्रेन के जरिए सफर करते हैं. यात्रियों की इस संख्या में बीते कुछ सालों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है.
ट्रेन का सफर काफी सुविधाजनक और किफायती माना जाता है. यही वजह है कि आज भी लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करना पसंद करते हैं. लेकिन अब ट्रेन में सफर करने का तरीका 1 जुलाई 2025 से कुछ हद तक बदल जाएगा. क्योंकि रेलवे ने यात्रा से जुड़े कई नियमों में अहम बदलाव किए हैं.
रेलवे की ओर से 1 जुलाई 2025 से ट्रेन में सफर करने को लेकर कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं. जिनका असर करोड़ों यात्रियों पर पड़ेगा. सबसे बड़ा बदलाव तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़ा है. अब बिना आधार वेरीफिकेशन कोई भी यात्री तत्काल टिकट बुक नहीं कर पाएगा.
यह नियम केवल ऑनलाइन बुकिंग पर लागू होगा. यानी जो यात्री IRCTC की वेबसाइट या रेल कनेक्ट ऐप के जरिए टिकट बुक करते हैं. उन्हें पहले आधार ऑथेंटिकेशन कराना होगा. आधार वेरिफिकेशन के बाद ही टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होगी.
इसके अलावा पैसेंजर चार्ट तैयार करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहले चार्ट ट्रेन चलने के 4 घंटे पहले तैयार होता था. लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है. यानी चार्ट पहले की तुलना में ज्यादा पहले तैयार होगा.
रेलवे ने एसी कोच की वेटिंग लिस्ट की लिमिट भी बढ़ा दी है. पहले जहां एसी कोच में कुल सीटों का 25% तक वेटिंग टिकट दिए जाते थे. अब यह सीमा बढ़ाकर 60% कर दी गई है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी एसी कोच में 50 सीटें हैं तो पहले 12 वेटिंग टिकट मिलते थे. अब 30 वेटिंग टिकट जारी किए जा सकते हैं.
इसके साथ ही रेलवे ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में भी बढ़ोतरी की है. नॉन-एसी कोच में प्रति किलोमीटर 1 पैसा और एसी कोच में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. हालांकि यह नया किराया सिर्फ उन्हीं यात्राओं पर लागू होगा जो 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए होंगी.