Railway Rules: ट्रेन में दिव्यांगों के लिए कितनी सीटें होती हैं रिजर्व? ये है नियम

ट्रेन में यात्रा करना काफी आरामदायक और बजट फ्रेंडली होता है, आज देश में कई सुपरफास्ट और सुविधाओं से लैस ट्रेनें दौड़ रही हैं.
ट्रेन में यात्रा करने के कई नियम भी होते हैं, यात्रियों को रेलवे के इन तमाम नियमों का पालन करना होता है.
ट्रेन में दिव्यांगों के लिए भी कई तरह की सुविधाएं होती हैं, जिसमें उनके लिए किराये में छूट से लेकर सीट रिजर्व तक रखी जाती है.
हर ट्रेन की बर्थ में कुछ सीटें दिव्यांगों के लिए रिजर्व रखी जाती हैं. स्लीपर क्लास में दो लोअर और दो मिडिल बर्थ आरक्षित होती हैं.
दिव्यांगों के लिए एसी-3 में एक लोअर और एक मिडिल बर्थ, 3E कोच में एक लोअर बर्थ और एक मिडिल बर्थ रिजर्व होती है.
यानी किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए प्रति कोच दो सीट तो रिजर्व रहती हैं. जिनके लिए दिव्यांग टीटीई से मांग कर सकते हैं.
ट्रेन में दिव्यांगों को किराये में 25 से 75 फीसदी तक छूट दी जाती है, इसके लिए उन्हें अपना विकलांग प्रमाण पत्र देना होता है.