PNG कनेक्शन लेने के नियमों में बड़ा बदलाव, जानें कितना आसान हुआ पाइप्ड गैस लगवाना?
सरकार ने ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ लागू कर दिया है. जिसका सीधा असर PNG कनेक्शन पर पड़ेगा. यह नियम आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत आया है और इससे पाइपलाइन बिछाने के काम में जो देरी होती थी. उसे खत्म करने की कोशिश की गई है.
सबसे बड़ा बदलाव मंजूरी के सिस्टम में आया है. पहले कंपनियों को अलग-अलग विभागों से परमिशन लेने में महीनों लग जाते थे. लेकिन अब अगर तय समय में अनुमति नहीं मिलती. तो उसे ऑटोमैटिक मंजूरी मान लिया जाएगा.
इसका मतलब है कि फाइल अटकने से काम नहीं रुकेगा और प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेंगे. ग्राउंड लेवल पर काम करने वाली कंपनियों को एक और बड़ी राहत मिली है. पहले कई जगहों पर लोकल स्तर पर अवैध वसूली या अतिरिक्त मांग की शिकायतें आती थीं. जिससे प्रोजेक्ट धीमे पड़ जाते थे.
अब सरकार ने इसे सख्ती से रोक दिया है और साफ नियम बना दिए हैं कि कोई भी गैरजरूरी चार्ज नहीं लिया जा सकेगा. सड़क खुदाई को लेकर होने वाले विवाद भी अब कम होंगे. ‘डिग एंड रिस्टोर’ और ‘डिग एंड पे’ जैसे नियम लागू किए गए हैं.
जिससे पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत तय समय में करनी होगी. इससे लोगों को खराब सड़कों और लंबी परेशानियों से राहत मिलेगी.इस पूरे बदलाव का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा. जिससे PNG कनेक्शन लेने की प्रोसेस आसान होगी.
अब PNG कनेक्शन ज्यादा जल्दी मिल पाएगा. जिससे लोग लगातार गैस इस्तेमाल कर पाएंगे उन्हें सिलेंडर का इंतजार नहीं करना होगा. इसके साथ ही यह गैस सस्ती और पर्यावरण के लिए भी बेहतर है. आने वाले समय में और भी लोग PNG की तरफ रूख कर सकते हैं.