प्लॉट खरीदने जा रहे हैं? तो पैसा लगाने से पहले ये 5 जरूरी डॉक्यूमेंट जरूर चेक करें
प्लॉट खरीदने से पहले उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों को चेक करना बेहद जरूरी माना जाता है. सबसे पहले यह देखना जरूरी होता है कि जमीन बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसका मालिक है या नहीं. इसके लिए मदर डीड और पुराने सेल डीड की जांच की जाती है. इन दस्तावेजों से जमीन की पूरी हिस्ट्री सामने आती है.
प्लॉट खरीदने से पहले एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट यानी EC जरूर चेक करना चाहिए. यह दस्तावेज बताता है कि जमीन पर किसी तरह का कर्ज, गिरवी या कानूनी विवाद तो नहीं है. इससे यह भी पता चलता है कि जमीन पर पहले कोई वित्तीय बोझ तो नहीं था. आमतौर पर कई सालों का रिकॉर्ड निकालकर जांच करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
जमीन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड भी देखना जरूरी होता है. कई राज्यों में इन्हें खसरा खतौनी, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स, पट्टा या खाता जैसे नामों से जाना जाता है. इन दस्तावेजों में जमीन के मालिक का नाम और जमीन की जानकारी दर्ज होती है. तो साथ ही यह भी पता चलता है कि जमीन का टैक्स टाइम टू टाइम जमा किया जा रहा है या नहीं.
प्लॉट खरीदने से पहले जमीन का लैंड यूज भी जरूर देखना चाहिए. हर जमीन का इस्तेमाल अलग काम के लिए तय होता है, जैसे कृषि, आवासीय या व्यावसायिक. अगर जमीन कृषि श्रेणी में है तो उस पर घर बनाना संभव नहीं होता. ऐसे मामलों में पहले जमीन का उपयोग बदलने की अनुमति लेनी पड़ती है.
आजकल कई राज्यों में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. सरकारी वेबसाइट के जरिए जमीन की बेसिक जानकारी देखी जा सकती है. सर्वे नंबर या मालिक के नाम से भीम जानकारी मिल जाती है. हालांकि ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने के साथ-साथ असली दस्तावेजों की जांच भी जरूरी होती है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके.
प्लॉट खरीदने से पहले दस्तावेजों की सही जांच करना बहुत जरूरी कदम माना जाता है. थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. इसलिए किसी भी जमीन में निवेश करने से पहले उसके कागज, सरकारी रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति को अच्छी तरह समझ लेना समझदारी भरा फैसला होता है.