इन जरूरतों के लिए नहीं निकाल सकते PF का पैसा, जान लीजिए नियम
पीएफ का पूरा पैसा आप तब तक नहीं निकाल सकते जब तक आप नौकरी में हैं. बहुत से लोग सोचते हैं कि जरूरत पड़ने पर पूरा बैलेंस निकाल लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता. फुल सेटलमेंट तभी मिलता है जब आप रिटायर हो जाएं या कम से कम दो महीने तक बेरोजगार रहें. नौकरी करते हुए सिर्फ कुछ तय कारणों पर ही आंशिक निकासी मिलती है.
डेली खर्च या लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजों के लिए पीएफ का पैसा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. अगर आप मोबाइल खरीदने, घूमने जाने या किसी शौक को पूरा करने के लिए इसे निकालना चाहते हैं, तो नियम इसकी अनुमति नहीं देते. पीएफ का असली मकसद भविष्य की सुरक्षा है, न कि रोजमर्रा के खर्च पूरे करना.
लोन चुकाने या इनवेस्टमेंट के लिए भी पीएफ से पैसा नहीं निकाला जा सकता. कई लोग इसे एक तरह का बैकअप फंड मान लेते हैं, लेकिन नियम इसके खिलाफ हैं. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी अन्य निवेश के लिए इस रकम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. यह पैसा सिर्फ इमरजेंसी और जरूरी स्थितियों के लिए सुरक्षित रखा जाता है.
घर या गाड़ी खरीदने के लिए सीधे पीएफ का पैसा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. लोगों को लगता है कि बड़ी खरीदारी के लिए यह फंड मदद करेगा. लेकिन ऐसा नहीं है. पीएफ का उद्देश्य लग्जरी खर्च पूरे करना नहीं. बल्कि भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा देना होता है. इसलिए इसके उपयोग पर सख्त सीमाएं रखी गई हैं.
टैक्स बचाने के लिए पीएफ निकालना भी सही तरीका नहीं है. अगर आप 5 साल से पहले अकाउंट बंद करते हैं और रकम 50000 रुपये से ज्यादा है. तो टीडीएस कटेगा ही. फॉर्म भरने से भी यह नियम नहीं बदलता. इसलिए पीएफ को टैक्स बचाने का जरिया समझना गलत हो सकता है.
शादी, पढ़ाई या मेडिकल खर्च के नाम पर भी हर बार पैसा नहीं निकाला जा सकता. इसके लिए सीमाएं तय हैं और सही डॉक्यूमेंट देना जरूरी होता है. बिना कागज़ के निकासी संभव नहीं है. इसके साथ ही नौकरी छोड़ने के बाद भी तुरंत पूरा पैसा नहीं मिलता. जब तक तय समय तक बेरोजगारी साबित न हो जाए.