पेंशन निधि पर लगने वाली फीस में बड़ा बदलाव, जानें अब किसे-कितना देना होगा चार्ज?
पेंशन निधि पर लगने वाली फीस में अब जो बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उसका सबसे सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. PFRDA ने साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से निवेश के बदले ली जाने वाली फीस अब सबके लिए एक जैसी नहीं रहेगी. अब इसे दो हिस्सों में बांटा गया है एक सरकारी कर्मचारियों के लिए और दूसरा प्राइवेट सेक्टर के लिए.
फीस देने के तरीके को भी काफी आसान बना दिया गया है. जिससे आम आदमी को समझ आए. अब आपको अलग से कोई चार्ज देने की टेंशन नहीं लेनी होगी, क्योंकि ये सभी शुल्क सीधे आपकी एनएवी यानी आपके निवेश की वैल्यू से ही काट लिए जाएंगे. यह नया नियम रेगुलर एनपीएस के साथ बच्चों की एनपीएस वात्सल्य पर भी लागू होगा.
इस नए फ्रेमवर्क को सही तरह से सेट करने के लिए सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां अपने सिस्टम में जरूरी अपडेट्स कर रही हैं. इस ट्रांज़िशन पीरियड के दौरान एनपीएस से जुड़ी कुछ ऑनलाइन सर्विसेज और लेन-देन थोड़े समय के लिए बंद रहेंगे. सब्सक्राइबर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी काम इन तारीखों को ध्यान में रखकर ही प्लान करें.
सर्विस बंद रहने की बात करें तो इंटर-सीआरए शिफ्टिंग 25 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक बंद रहेगी. वहीं, पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग की सुविधा 28 मार्च से 1 अप्रैल तक नहीं मिल पाएगी. इसके अलावा सब्सक्राइबर शिफ्टिंग, वन-वे स्विच और स्कीम प्रेफरेंस चेंज जैसी जरूरी सर्विसेज 27 मार्च की सुबह 10:30 बजे से बंद कर दी गई हैं.
अगर आप पैसे निकालने या टियर-2 खाते से विड्रॉल करने की सोच रहे हैं. तो थोड़ा इंतजार करना होगा. यह सर्विस 31 मार्च की सुबह 10:30 बजे से 1 अप्रैल तक बंद रहेगी. हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान नए लोगों का रजिस्ट्रेशन और पैसा जमा करने का काम पहले की तरह ही नॉर्मल चलता रहेगा.
सभी सर्विसेज 2 अप्रैल 2026 से दोबारा से शुरू हो जाएंगी. जिससे आप नार्मल ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. PFRDA का यह कदम पेंशन फंड्स में शुल्कों को कैटेगरी के हिसाब से सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है. अगर आपको निवेश प्लानिंग में बदलाव करना है. तो इन तारीखों के हिसाब से अपना कदम उठाएं.