मेट्रो में बिना टिकट यात्रा करने पर क्या मिलती है सजा? नहीं जानते होंगे आप

दिल्ली-एनसीआर में करोड़ों लोग रहते हैं. जिनमें कोई खुद की गाड़ी से ट्रेवल करता है. तो कोई बस से ट्रेवल करता है. तो वहीं कई लोग दिल्ली मेट्रो से सफर करते हैं. दिल्ली मेट्रो को दिल्ली एनसीआर की लाइफ लाइन भी कहा जाता है.
दिल्ली मेट्रो की बात की जाए तो रोजाना दिल्ली मेट्रो में करीब 50 लाख से भी ज्यादा लोग यात्रा करते हैं. मेट्रो के होने से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक भी काफी संतुलित रहता है. दिल्ली मेट्रो के होने से करोड़ों लोगों को ट्रैवल करने में आसानी हुई है.
दिल्ली मेट्रो के इतिहास की बात की जाए तो इसका संचालन साल 2002 में पहली बार शुरू हुआ था. दिल्ली की पहली मेट्रो रेड लाइन पर चली थी. तब से लेकर दिल्ली मेट्रो अब दिल्ली-एनसीआर के कोने-कोने तक अपनी सर्विस दे रही है.
दिल्ली मेट्रो का संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) संभालती है. दिल्ली मेट्रो के लिए डीएमआरसी ने कई नियम भी बनाए हैं. ट्रेन की तरह की दिल्ली मेट्रो में भी वैलिड टिकट लेकर सफर करना होता है.
अगर कोई बिना टिकट के दिल्ली मेट्रो में सफर करता हुआ पाया जाता है. तो फिर उस पर दिल्ली मेट्रो की ओर से कार्रवाई की जाती है. दिल्ली मेट्रो के नियमों की धारा 69 के अंतर्गत अगर कोई यात्री बिना टिकट की यात्रा करता है. तो उस पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है
इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के नियमों के मुताबिक अगर कोई यात्री महिला कोच में सफर करने की कोशिश करता है. या उसमें चढ़कर सफर करता है. तो उसे पर दिल्ली मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 की धारा 64 (1) के तहत ढाई सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.
इसके अलावा जब कोई दिल्ली मेट्रो में सफर करता है. तो उसे मेट्रो के अंदर के रूल भी मानने होते हैं. दिल्ली मेट्रो में साफ सफाई को लेकर के भी यात्रियों की जिम्मेदारी तय की गई है. अगर कोई दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान फर्श पर बैठता है गंदगी करता है. तो धारा 59 के तहत उस पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.