✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

भारत में इस योजना के चलते मोबाइल नंबर में होते हैं बस 10 डिजिट

एबीपी लाइव   |  05 May 2024 07:00 AM (IST)
भारत में इस योजना के चलते मोबाइल नंबर में होते हैं बस 10 डिजिट

आजकल हर किसी के पास मोबाइल फोन होता है. इसी के जरिए लोग कॉलिंग और मैसेजिंग करते हैं. इनके लिए एक नंबर चाहिए होता है वह नंबर होता है 10 अंकों में.

1

अक्सर के लोगों के मन में यह सवाल आता है कि यह नंबर 10 अंकों का ही क्यों होता है. यह कम अंकों का क्यों नहीं होता.

2

तो बता दें साल 2003 तक भारत में मोबाइल नंबर 9 अंकों के हुआ करते थे. उसके बाद भारत में एक योजना लाई गई. उसके तहत मोबाइल नंबरों को 10 अंको का कर दिया गया.

3

इस योजना का नाम है नेशनल नंबरिंग प्लान. क्योंकि मोबाइल नंबर रोजाना बहुत से लोग खरीदते हैं ऐसे में बहुत से नंबरों की जरूरत पड़ती है.

4

अगर 2 डिजिट के ही मोबाइल नंबर होते तो फिर जीरो से 99 तक सिर्फ 100 नंबर ही बन पाते. और मात्र 100 लोग ही इसका इस्तेमाल कर पाते है.

5

भारत की जनसंख्या भी इसके लिए एक दूसरा कारण है. अगर मोबाइल नंबर 9 अंकों के होते तो इसे सिर्फ 100 करोड़ नंबर ही बन पाते हैं जबकि भारत की जनसंख्या 150 करोड़ के क़रीब हो चुकी है.

6

इसलिए नेशनल नंबरिंग प्लान के तहत मोबाइल नंबरों को 10 अंकों का किया गया. इससे 1000 करोड़ तक मोबाइल नंबर बनाया जा सकते हैं.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • भारत में इस योजना के चलते मोबाइल नंबर में होते हैं बस 10 डिजिट
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.