Model Code Of Conduct: चुनाव से पहले क्यों लगाई जाती है आचार संहिता, किन चीजों की होती है पाबंदी?

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने वाला है, चुनाव आयोग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है. जिसके बाद अब उसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है.
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही देशभर में आचार संहिता भी लागू हो जाती है, जिसमें कई तरह की पाबंदियां होती हैं.
देश में होने वाले किसी भी चुनाव में पक्षपात या किसी धांधली से बचने के लिए चुनाव आयोग ने आचार संहिता की व्यवस्था तैयार की है.
आचार संहिता का पालन करना चुनाव में हर राजनीतिक दल और प्रत्याशी के लिए जरूरी होता है. ऐसा नहीं करने पर चुनाव आयोग एक्शन ले सकता है.
आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी योजना की घोषणा या फिर शिलान्यास नहीं किया जा सकता है.
कोई भी नेता या उम्मीदवार प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी या फिर सरकारी बंगले का इस्तेमाल नहीं कर सकता है.
आचार संहिता की शुरुआत 1960 में केरल विधानसभा चुनावों से हुई, इसमें तमाम दलों के साथ मिलकर नियम बनाए गए.