कोर्ट में झूठ बोलने पर कितनी मिलती है सजा? जानें ऐसा करना कितना गलत
लेकिन जब आप किसी बहुत जरूरी स्थिति में झूठ बोलते हैं. तब उसके परिणाम बड़े हो सकते हैं. मान लीजिए आप कोर्ट में गवाही देने जा रहे हो लेकिन आपने झूठी गवाही दे दी. अपने जज के सामने झूठ बोल दिया.
तो आपको बता दें ऐसे करना गलत होता है. और इस तरह की स्थिति में आपको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है. इसलिए जब आप कोर्ट में जाएं तो कभी भी झूठ ना बोले. हमेशा सच का ही साथ दें और जो सच है वही कहें.
क्योंकि और आप कोर्ट में झूठ बोलते हैं. तो फिर आप पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 227 के तहत झूठी गवाही देने के इल्जाम में सजा हो सकती है. अगर आप झूठी गवाही के साथ झूठा सबूत देते हैं. तो धारा 228 के तहत केस बनेगा.
और इसके अलावा आपको बता दें कोर्ट में झूठी गवाही देने के आरोप में आप पर भारतीय न्याय संहिता धारा 229 के तहत 3 साल तक की सजा. तो वहीं 5000 रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है. तो साथ ही दोनों सजाएं भी हो सकते हैं.
अगर आप खुद के किसी मामले में कोर्ट में कोई बात रखने जा रहे हैं. या अपनी गवाही देने जा रहे हैं. तो ऐसे में आप वकील से सलाह लेने किस तरह से अपनी बात रखनी है. अपनी कही बात को किस तरह से साबित करना है.
क्योंकि अगर आप कोर्ट में झूठी गवाही देते हैं. और यह साबित हो जाता है. तो फिर झूठी गवाही देने के इल्जाम में आप पर अलग से केस चलाया जा सकता है. जिसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है. इसलिए इन बातों का खास ध्यान रखें.