सरकार ने 2031 तक बढ़ाई अटल पेंशन योजना की मियाद, जानें कौन उठा सकता है इसका फायदा
सरकार के इस फैसले से साफ है कि अटल पेंशन योजना को लंबे समय तक चलाने की पूरी तैयारी है. योजना के प्रचार, सुधार और आर्थिक मजबूती के लिए सरकार आगे भी फंड देती रहेगी. मतलब जिन लोगों के पास रिटायरमेंट के बाद कोई सहारा नहीं उन्हें पक्की मासिक पेंशन मिलती रहेगी.
अटल पेंशन योजना का मकसद बुढ़ापे में इनकम की सुरक्षा देना है. खासकर गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में काम करने वाले मजदूरों को यह स्कीम सिस्टम से जोड़ती है. थोड़ी बचत के जरिए भविष्य को सुरक्षित बनाना ही इस योजना मकसद है.
इस योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को हुई थी. तब से यह करोड़ों लोगों के लिए रिटायरमेंट प्लान का आसान रास्ता बनी है. जो लोग किसी सरकारी या प्राइवेट पेंशन सिस्टम से नहीं जुड़े हैं. उनके लिए यह स्कीम सामाजिक सुरक्षा का मजबूत सहारा बन चुकी है.
अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए. जुड़ते समय हर महीने एक तय रकम जमा करनी होती है. यह रकम आपकी उम्र और चुने गए पेंशन प्लान पर निर्भर करती है. जितना ज्यादा योगदान, उतनी ज्यादा पेंशन.
60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की गारंटी पेंशन मिलती है. अगर खाताधारक की मौत हो जाती है. तो पति या पत्नी को पेंशन मिलती रहती है. दोनों के न रहने पर जमा रकम नॉमिनी को दी जाती है.
सरकार का मानना है कि यह योजना उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है जिनके पास बुढ़ापे की कोई फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं होती. 2031 तक मियाद बढ़ने से नए लोगों को जुड़ने का मौका मिलेगा और पहले से जुड़े लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा.