ट्रंप ने सीरिया पर दगवाईं 60 मिसाइलें
सीरिया में नागरिकों पर किए गए ‘बर्बर’ रासायनिक हमले के जवाब में अमेरिका ने सीरिया के एयरबेस पर एक बड़ा सैन्य हमला बोला. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी ‘सभ्य देशों’ से अपील की कि वे युद्धप्रभावित देश में मचे ‘खून-ख़राबे’ को खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ आएं.
डेविस ने कहा, ‘‘यह हमला असद के घृणित कृत्य का उचित जवाब था. शाएरात एयरफील्ड का इस्तेमाल रासायनिक हथियारों और सीरियाई वायुसैन्य बलों को रखने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा था. अमेरिकी खुफिया समुदाय का आकलन है कि शाएरात से निकले विमान ने चार अप्रैल को रासायनिक हथियारों से हमला बोला.’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से किया गया हमला असद के शासन को रासायनिक हथियारों का दोबारा इस्तेमाल करने देने से रोकने के लिए था.
पेंटागॉन के प्रेस सचिव कैप्टन जेफ डेविस ने कहा कि रूसी बलों को पहले ही हमले के बारे में सूचित कर दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों ने एयरफील्ड में मौजूद रूसी या सीरियाई कर्मियों को पहुंच सकने वाले नुकसान को कम से कम करने के लिए ऐहतियात बरती.’’ पेंटागन ने कहा कि होम्स गवर्नरेट स्थित शाएरात एयरफील्ड को निशाना बनाकर किया गया मिसाइल हमला असद के घृणित कृत्य का उचित जवाब था.
ट्रंप ने कहा, ‘‘बेहद अशांत विश्व की इस चुनौती के दौरान हम ईश्वर से सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करते हैं. हम घायलों के जीवन और मृतकों की आत्मा के लिए प्रार्थना करते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि जब तक अमेरिका न्याय, शांति और सद्भाव के साथ खड़ा है, अंत में यह संभव होगा. शुभ रात्रि और ईश्वर अमेरिका और पूरे विश्व पर कृपा करें.’’
उन्होंने कहा, ‘‘असद के व्यवहार को बदलने के लिए सालों से किए जा रहे प्रयास नाटकीय ढंग से विफल हुए हैं. इसके कारण शरणार्थी संकट गहराता रहा है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती रही है, जिससे अमेरिका एवं उसके सहयोगियों पर खतरा पैदा होता रहा है. मैं सभी सभ्य देशों से अपील करता हूं कि वे सीरिया में इस मारकाट और रक्तपात को खत्म करने और हर किस्म के आतंकवाद को खत्म करने के लिए हमारे साथ आएं.’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘इस बात में कोई संशय नहीं है कि सीरिया ने प्रतिबंधित रासायनिक हथियार का प्रयोग करके रासायनिक हथियार समझौते के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन किया और सुरक्षा परिषद की अपीलों को नजरअंदाज किया.’’
मासूम नागरिकों पर किए गए रासायनिक हमले को ‘भयावह’ बताते हुए ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति बशर अल-असद ने असहाय पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की जान ली है. उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों के लिए यह धीमी और क्रूर मौत है. इस बर्बर हमले में प्यारे बच्चे भी निर्ममता से मारे गए. ईश्वर के किसी भी बच्चे को ऐसी भयावह स्थिति न झेलनी पड़े.’’ ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि अमेरिका घातक रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोके.’’
मार-ए-लागो रिजॉर्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस सीरियाई एयरबेस को निशाना बनाकर हमला करने के आदेश दिए थे, जहां से रासायनिक हमला बोला गया था. ट्रंप ने इसी आवास में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की.
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेशों पर, अमेरिकी युद्धपोतों ने सीरिया की सरकार के एयरबेस पर 60 टॉमाहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं. यह वही एयरबेस है, जहां रासायनिक हमला करने वाले युद्धक विमान खड़े थे.