यूपी: गरीबी की वजह से डॉक्टर बने 'हैवान' तो गैर बनें 'भगवान'

आगरा में टीबी की बीमारी से पीड़ित महिला मरीज जब जिला अस्पताल और एस एन मेडिकल में अपना इलाज कराने पहुंची तो उसे बाहर निकाल दिया गया. जिसके बाद बीमार महिला को देखकर एक समाज सेविका से नहीं रहा गया और उसने खुले आसमान के नीचे ही मरीज का इलाज शुरू करा दिया है. मरीज को सड़क किनारे ही खून की बोतल चढ़ा कर इलाज़ कराना शुरु किया गया, जिससे सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज का दावा करने वाली सरकार की पोल खुलती नज़र आती है. (फोटो क्रेडिट/रिपोर्ट- पंकज गुप्ता, एबीपी न्यूज़)
अबतक पूनम पर चार यूनिट खून चढ़ाया जा चुका है और अब पूनम की हालात पहले से ठीक है. (फोटो क्रेडिट/रिपोर्ट- पंकज गुप्ता, एबीपी न्यूज़)
तब ज्योति ने एक डॉक्टर को बुलाकर पूनम की जांच कराई तो पाया कि मरीज़ को खून की बहुत कमी है. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक़ ज्योति ने खून का इंतजाम करके पूनम का इलाज शुरू करा दिया.
महात्मा गांधी मार्ग यानि एम जी रोड के किनारे जब यह महिला लेटी हुई थी तब वहां से गुजर रही ज्योति नाम की समाज सेविका रुकी और उस पर रहा नहीं गया देखा.
शहर के सबसे टॉप इलाकों में गिने जाने वाले होटल मरीना के पास खुले आसमान के नीचे पिछले कई दिनों से उसका इलाज चल रहा है. पूनम बहुत बीमार थी. हालत ऐसी की वो चलने लायक भी नहीं है.
खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने वाले एक रिक्शा चालक की पत्नी पूनम टीबी की बीमारी से ग्रस्त है.
एक गरीब महिला जो की टीबी की मरीज है उसके साथ ताजनगरी के डाक्टरों ने जो किया वो हैरान कर देने वाला है.
प्रदेश की सरकार गरीबों के इलाज के लिए तमाम बुनियादी सुविधाओं से लैस कर इलाज का बड़ा बड़ा दावा करती है लेकिन सरकारी अस्पतालों की हकीकत कुछ और ही है.
आगरा में टीबी की बीमारी से पीड़ित महिला मरीज जब जिला अस्पताल और एस एन मेडिकल में अपना इलाज कराने पहुंची तो उसे बाहर निकाल दिया गया. जिसके बाद बीमार महिला को देखकर एक समाज सेविका से नहीं रहा गया और उसने खुले आसमान के नीचे ही मरीज का इलाज शुरू करा दिया है. मरीज को सड़क किनारे ही खून की बोतल चढ़ा कर इलाज़ कराना शुरु किया गया, जिससे सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज का दावा करने वाली सरकार की पोल खुलती नज़र आती है. (फोटो क्रेडिट/रिपोर्ट- पंकज गुप्ता, एबीपी न्यूज़)