सलोनी ने मैरिटल रेप पर लिखा- शादी की उम्र 18 फिर सेक्स के लिए सहमति की उम्र 15 क्यों
अक्सर महिला अधिकारों की बात करने वाली सलोनी ने इस पोस्ट में करवाचौथ जैसे त्यौहार का भी ज़िक्र किया है. बताते चलें कि करवाचौथ के त्यौहार में महिलाओं को पति के लिए व्रत करना पड़ता है.
सलोनी ने मैरिटल रेप पर अपने पोस्ट की शुरुआत इस लाइन से की है- It's not really rape, if he's her husband? इसका हिंदी में अर्थ ये होगा- अगर वो अपनी पत्नी का पति है तो क्या इस रिश्ते में रेप की गुंजाइश नहीं है?
हिंदी सिनेमा की अदाकारा कटरीना कैफ की तरह दिखने वाली टीवी अदाकारा सलोनी चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर मैरिटल रेप (शादी के रिश्ते में होने वाले रेप) को लेकर अपनी इन तस्वीरों के साथ एक लंबा पोस्ट लिखा है.
आगे देखें उनकी चंद और इंस्टा तस्वीरें-
बताते चलें कि सलोनी चोपड़ा को टीवी सीरियल गर्ल्स ऑन टॉप के लिए जाना जाता है. वे इंस्टा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी काफी फेसम हैं जहां वे बाकी सेलिब्रिटीज़ की तरह सिर्फ तस्वीरें शेयर नहीं करतीं बल्कि ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती हैं.
मैरिटल रेप भारत समेत दुनियाभर में बड़ी बहस का मुद्दा है. बहस के केंद्र में सहमति का मसला है जिसमें एक पक्ष का मानना है कि शादी के बाद होने वाले सेक्स में भी पत्नी की मर्ज़ी उतनी ही ज़रूरी है जितना किसी और काम में. वहीं एक और पक्ष है जिसका मानना है कि शादी के बाद का सेक्स रेप हो ही नहीं सकता, इसमें सहमति हो या ना हो.
सलोनी ने आगे लिखा है कि एक ओर जहां आप दावा कर रहे हैं कि हाई क्लास के पढ़े लिखे परिवारों में रेप नहीं होता है और वहीं दूसरी ओर संस्कृति बिना कंसेंट या सहमति के सेक्स को उचित ठहराती है, साथ ही इसे बढ़ावा भी दिया जा रहा है.
सलोनी लिखती हैं कि शादी के बाद के सेक्स के लिए भी सहमति उनती ही ज़रूरी है. एक महिला के शरीर के साथ यौन संबंध रखने की आप इच्छा कर सकते हैं लेकिन बिना सहमति के नहीं.
सलोनी का कहना है कि ऐसा कहना सरासर गलत है कि ये किसी के परिवार का मामला है, कानून को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है. शादी एक पवित्र बंधन है, इस पवित्र बंधन में कोई रेप नहीं कर सकता.
उन्होंने ये भी लिखा है कि वैसे तो कानूनी तौर पर भारत में महिलाओं के विवाह के लिए उम्र सीमा 18 साल है, ऐसे में ये अपने आप में विरोधाभासी यानी अजीब तो जाता है कि मैरीटल रेप के लिए उम्र सीमा 15 साल की हो.
वे आगे लिखती हैं कि आईपीसी (इंडियन पीनल कोड) के आर्टिकल- 375 के मुताबिक शादी में सेक्स के लिए मजबूर करना महज़ तब अपराध है जब पत्नी की उम्र 15 साल से कम हो.
मैरिटल रेप को लेकर सलोनी आगे लिखती हैं, ज्यादातर पश्चिमी देशों ने मैरिटल रेप को अपराध माना है (और इसके खिलाफ कानून बनाए हैं). उनका मानना है कि भारत को भी इसपर ध्यान देना चाहिए.