IN PICS: जहरीले नागों को बड़ी आसानी से चूम लेते हैं इस गांव के लोग!

राजस्थान के टोंक जिले के सुरेली गांव में आस्था के मेले में अंधविश्वास का खेल किसी के भी दिल में सिहरन पैदा कर सकता है. जिस काले नाग से काटा हुआ आदमी पानी भी नहीं मांगता उसी काले नाग से लोग खुद को कटवा रहे हैं. आस्था के इस मेले में लोग नाग से खेलते हैं. कुछ लोग नाग को चूमने के लिए तो कुछ गले में लेकर झूमने के लिए दूर दूर से आते हैं. मेले में लोग इन काले नागों के साथ डांस भी करते हैं.
लोगों का मानना है कि नागों के देवता तेजाजी के चमत्कार की वजह से उन्हें कुछ नहीं होता. मंदिर के पुजारी का कहना है कि नागों के जहर को कई बार झेलकर लोगों के शरीर मजबूत हो गए हैं जिसकी वजह से भी लोगों को कुछ नहीं होता. वहीं डॉक्टरों की मानें तो ये नाग जिससे लोग खेल रहे हैं वो काफी खतरनाक है. नाग के काटने के कुछ ही मिनटों में किसी की मौत तक हो सकती है.
लोगों को इस काले से किसी तरह का डर नहीं लगता. मेले में ढोल मंजीरे बजते हैं जिनकी थाप पर लोग जहरीले नाग के साथ झूमते हैं और उसे चूमते हैं. इस सांपो के देवता तेजाजी का उत्सव कहा जाता है. जहरीले काले नाग को देवता के रुप में पूजा जाता है. जहरीले काले नाग को तेजा दशमी के मौके पर लोक देवता के मंदिर में सम्मान सहित लाया जाता है. मंदिर में नाग को लाने के बाद लोग पूजा अर्चना करते हैं.
लोगों की इस आस्था का हम भी सम्मान करते हैं. लेकिन जहां बात जिंदगी की हो तो वहां किसी को भी जहरीले नागों से डंसवाने का ऐसा दुस्साह नहीं करना चाहिए. जहरीले नाग से डंसवाने का ये खेल किसी की जिदंगी पर भारी भी पड़ सकता है.
कालबेलिया जाति के लोग काले सांपों से अक्सर खेलते मिल जाएंगे लेकिन सुरेली में जहरीले सांपो और इंसानों के बीच किसी तरह की कोई दूरी नहीं है. आस्था के मेले में हजारों लोग शिरकत करते हैं. जहरीले नाग का जहर एक बुजुर्ग अपनी जीभ से चूसता है फिर कुछ देर तक बेसुध पड़ा रहता है जिसके बाद जीभ से जहर गिर जाता है और बुजुर्ग आदमी ठीक हो जाता है.
मेले में पूरा गांव सर्प देवता यानी तेजाजी से आशार्वाद लेता है और फिर काले जहरीले नाग को पूजा-पाठ के साथ छोड़ दिया जाता है. गांववाले दावा करते हैं कि सांप तो दूर किसी जहरीले कीड़े के काटने का मामला भी पिछले 15 साल में सामने नहीं आया है. गांव के लोग इसे चमत्कार कहते हैं.
गांव में प्रचलित लोककथा के मुताबिक सर्पदंश से एक मौत के बाद नागों के देवता तेजाजी ने सपने में किसी शख्स को मंदिर बनवाने के लिए कहा. गांव में मंदिर बनने के बाद किसी भी व्यक्ति की सांप काटने की वजह से मौत नहीं हुई. काले नाग से जीभ डसवा रहे लोगों को घोडला कहा जाता है साथ ही मान्यता है कि मेले से पहले इनके शरीर में तेजाजी अपना स्थान बनाते हैं.
राजस्थान के टोंक जिले के सुरेली गांव में आस्था के मेले में अंधविश्वास का खेल किसी के भी दिल में सिहरन पैदा कर सकता है. जिस काले नाग से काटा हुआ आदमी पानी भी नहीं मांगता उसी काले नाग से लोग खुद को कटवा रहे हैं. आस्था के इस मेले में लोग नाग से खेलते हैं. कुछ लोग नाग को चूमने के लिए तो कुछ गले में लेकर झूमने के लिए दूर दूर से आते हैं. मेले में लोग इन काले नागों के साथ डांस भी करते हैं.
खुद को जहरीले नाग से डंसवा रहे लोग खुद को नाग देवता के भक्त बताते हैं. इनका दावा है कि दुनिया का सबसे विषैला सांप भी अगर किसी शख्स को काट ले तो ये उसकी जान बचा सकते हैं. ये अपने तंत्र-मंत्र से उनके खून से जहर को चूस सकते है. उन्हें बिल्कुल ठीक कर सकते हैं.