IN PICS: बॉलीवुड के ये दिग्गज सितारे हैं इंसानियत की जीती जागती मिसाल!
आज हम आपको बॉलीवुड के उन सितारों के बारें में बताने जा रहे हैं जो इंसानियत की जीती जागती मिसाल हैँ. बॉलीवुड के ये सितारे अपने अभिनय और मेहनत से तो लोगों का दिल जीतते ही हैं लेकिन साथ ही में अपनी इस तरह की सोशल वेलफेयर एक्टिविटी से भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. आगे की स्लाइड्स में जानें बॉलीवुड के कौन से दिग्गज सितारे करते हैं जरुरत मंदों की मदद!
प्रियंका चोपड़ा का नाम भारत समेत पूरे विश्व में लोकप्रिय हो चुका है. बहुत ही कम लोग जानते हैं कि प्रिंयका बंधुआ मजदूरी से जूझ रहे बच्चों के हक के लिए लड़ती हैं.
जॉन अब्राहम पेटा नाम की संस्था से जुड़े हुए हैं. यह संस्था पशुओं के अधिकारों के लिए लड़ती है. केवल इतना ही नहीं जॉन आपदा प्रभावित लोगों की भी मदद करते हैं.
मिस वर्ल्ड रह चुकीं एश्वर्या राय बच्चन भी इंसानियत की एक जीती जागती मिसाल हैं. एश्वर्या अपने नाम से ही एक NGO चलाती हैं.
बॉलीवुड बादशाह शाहरुख खान के फैंस पूरी दुनिया में हैं. आपने शाहरुख का मस्त मौला रूप तो कई बार देखा होगा लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि किंग खान 'Make a Wish' नाम की संस्था के लए भी काम करते हैं. 'Make a Wish' फाउंडेशन जानलेवा बीमारियों से लड़ रहे टीनएजर्स का सपना पूरा करने में मदद करती है. शाहरुख फाउंडेशन की चैरीटी के लिए शो, इंटरव्यू और कॉन्सर्ट भी करते हैं.
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता आमिर खान अपने NGO के माध्यम से सामाजिक बदलाव के लिए काम करते हैं. आमिर का NGO नशे की समस्या से जूझ रहे बच्चों और बेघर बच्चों की साहयता करता है.
सलमान और विवादों का रिश्ता बहुत पुराना है. अक्सर अपने विवादों के कारण सुर्खियों में रहने वाले सलमान खान गरीब बच्चों की सहायता करते हैं. सलमान की संस्था Being Human गरीब और बेसहरा बच्चों के इलाज और पढ़ाई में मदद करती है.
बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने भी महाराष्ट्र में आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों की मदद की थी. अक्षय ने 180 किसान परिवारों को 50-50 हजार रुपये की मदद की थी.
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा से लेकर विदर्भ तक के किसानों पर सूखे ने जो कहर ढाहा था वह किसी से छुपा नहीं है. किसानों की खुदकुशी देख बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर से रहा नहीं गया और वे किसानों की मदद के लिए आगे आए. नाना ने महाराष्ट्र के अलग अलग इलाकों में जाकर किसानों की करीब 300 विधवाओं की आर्थिक मदद की थी और मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने किसान परिवारों के लिए 'नाम' नामक संस्था भी शुरु की.