अब बिना इंटरनेट के भी चलेगा AI? आ गई ऐसी टेक्नोलॉजी जिसे देख आपके भी उड़ जाएंगे होश, यहां जानिए सब कुछ
कंपनी के अनुसार आज के आधुनिक मोबाइल और लैपटॉप इतने सक्षम हो चुके हैं कि वे एडवांस एआई मॉडल्स को खुद ही प्रोसेस कर सकते हैं. जब एआई प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही होती है तो नेटवर्क की देरी खत्म हो जाती है और कमजोर इंटरनेट की समस्या भी असर नहीं डालती. सबसे बड़ी बात, यूजर का डेटा बाहर किसी सर्वर पर नहीं जाता जिससे प्राइवेसी को ज्यादा मजबूती मिलती है.
Sarvam Edge को खास तौर पर लोकल रनिंग के लिए तैयार किया गया है. इसमें बहुभाषी स्पीच रिकग्निशन, टेक्स्ट-टू-स्पीच और अनुवाद से जुड़े मॉडल शामिल हैं. कंपनी का दावा है कि इसका एकीकृत स्पीच रिकग्निशन मॉडल 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं को समझ सकता है और खुद ही भाषा पहचानने में सक्षम है. यानी यूजर्स को अलग से भाषा चुनने की जरूरत नहीं पड़ती.
टेक्स्ट-टू-स्पीच सिस्टम भी इन्हीं भाषाओं में काम करता है और हल्के, कॉम्पैक्ट मॉडल पर आधारित है, जिससे डिवाइस पर ज्यादा भार नहीं पड़ता. अनुवाद प्रणाली 11 भाषाओं का समर्थन करती है जिनमें अंग्रेजी भी शामिल है और कई भाषाई जोड़ों में दोनों दिशाओं में अनुवाद संभव है. खास बात यह है कि ये सभी सुविधाएं ऑफलाइन मोड में उपलब्ध रहती हैं.
कंपनी का मानना है कि लोकल प्रोसेसिंग से हर क्वेरी पर आने वाली लागत लगभग समाप्त हो जाती है. साथ ही, ऐसे इलाकों में जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां भी परफॉर्मेंस स्थिर रहती है. दावा किया गया है कि रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन लाइव ऑडियो से भी तेज प्रोसेस हो सकता है और अनुवाद लगभग तुरंत उपलब्ध हो जाता है जिससे इंटरैक्टिव ऐप्स के लिए यह तकनीक उपयोगी बनती है.
Sarvam AI के मुताबिक इन मॉडलों को मौजूदा मोबाइल प्रोसेसर और लैपटॉप हार्डवेयर के अनुरूप अनुकूलित किया गया है ताकि अतिरिक्त हार्डवेयर या भारी स्टोरेज की जरूरत न पड़े. कंपनी का विश्वास है कि यह प्लेटफॉर्म वॉइस-आधारित एप्लिकेशन, तुरंत अनुवाद टूल, सहायक तकनीक और शिक्षा, वित्त व उत्पादकता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकता है.