मोबाइल का पावर बटन दाईं तरफ ही क्यों होता है? वजह जानकर कहेंगे- यार ये तो सोचा ही नहीं था
शुरुआती दौर में ऐसा बिल्कुल नहीं था. पहले अलग-अलग कंपनियां अपने हिसाब से बटन की जगह तय करती थीं. किसी फोन में पावर बटन ऊपर होता था तो किसी में पीछे भी दिया जाता था. लेकिन जैसे-जैसे स्मार्टफोन का इस्तेमाल बढ़ा, कंपनियों को समझ आने लगा कि यूजर के लिए सबसे आरामदायक पोजीशन कौन-सी है.
इसका सबसे बड़ा कारण हमारी आदतें हैं. दुनिया में ज्यादातर लोग फोन को हाथ में पकड़ते समय बाएं हाथ से थामते हैं और दाएं हाथ या अंगूठे से उसे चलाते हैं. जब हम फोन पकड़ते हैं तो अंगूठा अपने आप दाईं साइड पर पहुंचता है. ऐसे में अगर पावर बटन वहीं हो तो स्क्रीन को ऑन या ऑफ करना बेहद आसान हो जाता है. यही वजह है कि कंपनियों ने इसे एक स्टैंडर्ड की तरह अपना लिया.
इसके अलावा एक तकनीकी कारण भी है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. स्मार्टफोन के अंदर बहुत सारे छोटे-छोटे पार्ट्स जैसे बैटरी, कैमरा मॉड्यूल, मदरबोर्ड और एंटीना फिट किए जाते हैं. ऐसे में इंजीनियरिंग के हिसाब से कई बार दाईं साइड बटन लगाना ज्यादा सुविधाजनक होता है क्योंकि इससे अंदर के सभी कंपोनेंट्स को सही तरीके से सेट करना आसान हो जाता है.
आजकल कई फोन में पावर बटन के साथ ही फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया जाता है. दाईं तरफ होने से यूजर आसानी से अंगूठे से फोन को अनलॉक कर सकता है जिससे एक्सपीरियंस और भी बेहतर हो जाता है.
हालांकि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है. अब इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स आ चुके हैं जिससे भविष्य में पावर बटन की जरूरत कम हो सकती है या इसकी जगह बदल भी सकती है.