WhatsApp पर इस तरह से हो रहा साइबर फ्रॉड, कई लोगों के उड़ गए लाखों रुपये, जानें कैसे रहें सुरक्षित

WhatsApp आज दुनियाभर में 3 अरब से ज्यादा यूज़र्स द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें से लगभग 50 करोड़ भारत में सक्रिय हैं. हालांकि इस लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप ने लोगों को जोड़ने का आसान जरिया बनाया है, लेकिन अब साइबर अपराधियों के लिए यह धोखाधड़ी फैलाने का जरिया भी बनता जा रहा है. अब तक आपने सुना होगा कि स्कैमर WhatsApp कॉल, फेक लिंक या नकली संदेशों के ज़रिए लोगों को ठगते हैं. लेकिन अब वे एक नई और खतरनाक तकनीक अपना रहे हैं, इमेज फाइल्स के ज़रिए.
हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक मामला सामने आया जिसमें एक 28 वर्षीय युवक ने WhatsApp पर आई एक सामान्य सी दिखने वाली फोटो डाउनलोड की और कुछ ही समय में उसके बैंक खाते से करीब 2 लाख रुपये गायब हो गए. अब सवाल यह है कि एक फोटो से ऐसा कैसे हो सकता है?
स्टेगनोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जिसके ज़रिए डेटा को किसी मीडिया फाइल (जैसे कि फोटो, वीडियो, ऑडियो आदि) के भीतर छिपाया जाता है. इसमें डाटा फाइल के उस हिस्से में छिपाया जाता है जो हमारी नजरों से छिपा रहता है लेकिन तकनीकी रूप से सक्रिय होता है.
अब हैकर्स इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए WhatsApp पर इमेज फॉरवर्ड्स के ज़रिए मालवेयर भेज रहे हैं. यह मालवेयर JPG, PNG, MP3 या MP4 जैसे आम फॉर्मेट वाली फाइलों में छिपा होता है, जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगती हैं. लेकिन इन फाइलों के अंदर छुपा खतरनाक कोड आपके फोन में इंस्टॉल हो जाता है जैसे ही आप फाइल डाउनलोड करते हैं या खोलते हैं.
एक बार मालवेयर एक्टिव होते ही यह आपके डिवाइस की संवेदनशील जानकारी जैसे सेव किए गए पासवर्ड, OTP, बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना सकता है. खास बात यह है कि ये मालवेयर पारंपरिक फिशिंग लिंक की तरह नहीं होते जिससे इन्हें डिटेक्ट करना भी काफी मुश्किल होता है और कई बार मोबाइल के एंटीवायरस सॉफ्टवेयर भी इन्हें पकड़ नहीं पाते.
उक्त मामले में युवक ने WhatsApp पर आई एक इमेज को डाउनलोड किया जिसके साथ एक खुफिया मालवेयर जुड़ा था. यह मालवेयर बैकग्राउंड में एक्टिव हो गया, फोन से जरूरी जानकारी हासिल की और स्कैमर ने बिना अनुमति के बैंक से पैसे निकाल लिए.
WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म अपने स्तर पर सुरक्षा बढ़ा रहे हैं, लेकिन यूज़र्स को भी सजग रहना ज़रूरी है. नीचे कुछ महत्वपूर्ण सावधानियाँ दी गई हैं. WhatsApp सेटिंग्स में जाकर Storage and Data में जाएं और Media Auto-Download को बंद करें. इससे कोई भी फाइल आपकी जानकारी के बिना फोन में सेव नहीं होगी.
अगर किसी अनजान नंबर से फोटो या वीडियो आता है, तो उसे डाउनलोड या ओपन न करें. अगर यूज़र संदिग्ध लगे, तो तुरंत उसे ब्लॉक और रिपोर्ट करें. ग्रुप सेटिंग्स में जाकर Who can add me to groups विकल्प को My Contacts पर सेट करें ताकि कोई अनजान व्यक्ति आपको किसी संदिग्ध ग्रुप में न जोड़ सके. OTP, बैंकिंग डिटेल्स जैसी जानकारी कभी भी WhatsApp पर साझा न करें चाहे वो संदेश किसी जानने वाले के नाम से ही क्यों न आया हो. जानकारी की पुष्टि किसी अन्य माध्यम से करें.