USB Killer क्या है? एक बार लगाया और फोन-लैपटॉप तुरंत खत्म! जानिए कैसे ये छोटा सा डिवाइस बन जाता है डिजिटल हथियार

USB Killer नाम सुनते ही अंदाजा लग जाता है कि यह कोई साधारण डिवाइस नहीं है लेकिन असल में यह दिखने में बिल्कुल एक आम पेन ड्राइव जैसा ही होता है. यही इसकी सबसे खतरनाक बात है. अगर आपको कहीं कोई अनजान USB ड्राइव मिल जाए और आप उसे बिना सोचे-समझे अपने फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर में लगा दें तो यह एक बड़ी गलती साबित हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि USB Killer का मकसद डेटा ट्रांसफर नहीं बल्कि डिवाइस को पूरी तरह खराब करना होता है.
यह छोटा सा दिखने वाला डिवाइस कुछ ही सेकंड में आपके महंगे गैजेट को बेकार बना सकता है. जैसे ही इसे किसी डिवाइस से जोड़ा जाता है यह तुरंत उस डिवाइस के अंदर बहुत ज्यादा वोल्टेज भेजता है. यह वोल्टेज इतना ज्यादा होता है कि डिवाइस का मदरबोर्ड और उसकी मुख्य चिप यानी आईसी जल सकती है. एक बार ऐसा हो जाने के बाद डिवाइस को ठीक कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है.
USB Killer की असली ताकत उसके काम करने के तरीके में छिपी होती है. जब इसे USB पोर्ट में लगाया जाता है तो यह सबसे पहले डिवाइस से ही बिजली खींचना शुरू करता है. इसके अंदर लगे छोटे-छोटे कैपेसिटर इस ऊर्जा को जमा करते रहते हैं.
कुछ ही पलों में जब यह पूरी तरह चार्ज हो जाते हैं तो डिवाइस का सर्किट उस कम वोल्टेज को अचानक बहुत ज्यादा वोल्टेज में बदल देता है. इसके बाद यह जमा हुई ऊर्जा को एक झटके में वापस USB पोर्ट के जरिए डिवाइस में छोड़ देता है.
यह पूरा प्रोसेस इतनी तेजी से होता है कि यूजर को संभलने का मौका भी नहीं मिलता. परिणाम यह होता है कि डिवाइस की अंदरूनी सर्किट्री बुरी तरह डैमेज हो जाती है और वह हमेशा के लिए बंद हो सकता है.
इसी वजह से USB Killer को डिजिटल दुनिया का खतरनाक हथियार माना जाता है. यह बिना किसी चेतावनी के काम करता है और देखने में बिल्कुल सामान्य लगता है जिससे लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं.
इसलिए सबसे जरूरी बात यही है कि कभी भी किसी अनजान USB डिवाइस को अपने फोन या लैपटॉप में इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपका पूरा डिवाइस खत्म कर सकती है.