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Tech Tips: फोन चार्जर पर लिखा R कोड क्या बताता है? 99% लोग करते हैं नजरअंदाज, सच जानकर रह जाएंगे हैरान

एबीपी टेक डेस्क   |  11 Apr 2026 07:52 AM (IST)
Tech Tips: फोन चार्जर पर लिखा R कोड क्या बताता है? 99% लोग करते हैं नजरअंदाज, सच जानकर रह जाएंगे हैरान

आजकल स्मार्टफोन खरीदते समय अक्सर बॉक्स में चार्जर नहीं मिलता. ऐसे में लोगों को अलग से चार्जर खरीदना पड़ता है और यही से शुरू होती है असली परेशानी. बाजार में सस्ते और नकली चार्जर्स की भरमार है जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा चार्जर भरोसेमंद है और कौन सा नहीं. इसी बीच एक छोटा सा कोड आपकी बड़ी मदद कर सकता है जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.

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अगर आपने कभी ध्यान से देखा हो तो फोन चार्जर के पीछे एक खास कोड लिखा होता है जो R से शुरू होता है. इसके बाद एक डैश और कुछ नंबर होते हैं. यह कोई साधारण नंबर नहीं बल्कि एक आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कोड होता है. यह कोड Bureau of Indian Standards यानी BIS द्वारा जारी किया जाता है. भारत में बिकने वाले इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के लिए यह प्रमाणन जरूरी होता है. इसका मतलब है कि चार्जर सरकार द्वारा तय किए गए सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है.

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यह R कोड इस बात का संकेत देता है कि आपका चार्जर रजिस्टर्ड और प्रमाणित है. अगर किसी चार्जर पर यह कोड मौजूद है तो वह सुरक्षा मानकों का पालन करता है और नकली या घटिया क्वालिटी का नहीं होता.

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दूसरी ओर, जिन चार्जर्स पर यह कोड नहीं होता या गलत होता है वे जोखिम भरे हो सकते हैं और आपके फोन के साथ-साथ आपकी सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं.

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अगर आप पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहते हैं तो इस कोड को ऑनलाइन चेक भी किया जा सकता है. इसके लिए BIS Care ऐप या BIS की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है. आपको बस चार्जर पर लिखा कोड दर्ज करना होता है जिसके बाद उससे जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ जाती है. इससे तुरंत पता चल जाता है कि प्रोडक्ट असली है या नहीं.

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इस कोड को जांचने से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका चार्जर सुरक्षित है और लंबे समय तक बिना किसी खतरे के इस्तेमाल किया जा सकता है. सही चार्जर इस्तेमाल करने से ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. साथ ही, यह आपके स्मार्टफोन की बैटरी और परफॉर्मेंस को भी सुरक्षित रखता है.

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अगली बार जब भी आप नया चार्जर खरीदें तो उसकी कीमत से ज्यादा उसके R कोड पर ध्यान दें. यह छोटा सा नंबर आपकी सुरक्षा और आपके डिवाइस दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है.

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