Solar से चलेगा पूरा Data Center, जानें कितने Panels की पड़ेगी जरूरत?

AI और Cloud Computing के बढ़ते इस्तेमाल ने Data Centers को टेक्नोलॉजी की दुनिया का एक जरूरी हिस्सा बना दिया है. इन सेंटरों में लगातार बड़ी संख्या में सर्वर और दूसरी मशीनें काम करती हैं, इसलिए इन्हें 24 घंटे बिजली की जरूरत होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इतनी बड़ी बिजली जरूरत को सोलर पैनल से पूरा किया जा सकता है. अगर किसी Data Center को पूरी तरह Solar Energy पर चलाना हो, तो इसके लिए कितने Solar Panels और कितनी जमीन की जरूरत पड़ेगी. तो आइए जानते हैं कि Solar से Data Center चलाने के लिए कितने Panels की जरूरत पड़ेगी.
एक छोटा यानी मीडियम साइज का डेटा सेंटर करीब 10 मेगावाट बिजली इस्तेमाल कर सकता है. अगर यह लगातार चलता रहे, तो एक दिन में इसकी खपत करीब 240 MWh तक पहुंच जाती है. ऐसे में सोलर सिस्टम को सिर्फ दिन में डेटा सेंटर चलाने के लिए ही नहीं, बल्कि रात के लिए भी ऊर्जा जमा करनी होती है.
अगर एक सामान्य कमर्शियल सोलर पैनल की क्षमता करीब 500 वाट है और उसे रोजाना 12 घंटे धूप मिले, तो वह करीब 6 kWh बिजली बना सकता है. इस हिसाब से 10 MW डेटा सेंटर की जरूरत पूरी करने और रात के लिए बैटरी चार्ज करने के लिए करीब 40,000 पैनल चाहिए होंगे.
मौसम , बादल और जगह बदलने पर सोलर से बनने वाली बिजली भी कम-ज्यादा होती है. ऐसे में सिर्फ पैनलों की संख्या तय कर देने से डेटा सेंटर की पूरी बिजली जरूरत पूरी नहीं हो जाती है. साथ ही डेटा सेंटर को सिर्फ सोलर बिजली पर चलाना आसान नहीं है. सोलर के साथ दूसरे बिजली सोर्स रखना ज्यादा सही तरीका माना जाता है.
सोलर पैनल का उत्पादन इस बात पर भी निर्भर करता है कि डेटा सेंटर कहां बना है. कम धूप वाले इलाके में पैनलों से मिलने वाली ऊर्जा काफी कम हो सकती है. बादल वाले दिनों में सोलर पैनल की बिजली उत्पादन क्षमता 23 प्रतिशत से 67 प्रतिशत तक घट सकती है. ऐसे में समान बिजली के लिए ज्यादा पैनल लगाने पड़ेंगे.
डेटा सेंटर दिन-रात लगातार चलते हैं. वहीं सोलर पैनल रात में बिजली नहीं बनाते हैं. ऐसे में बैटरी स्टोरेज जरूरी होगा, लेकिन सिर्फ सोलर और बैटरी पर निर्भर सिस्टम सही स्थिति में भी करीब 99 प्रतिशत अपटाइम तक पहुंचते हैं, जबकि Tier IV डेटा सेंटर को लगभग लगातार उपलब्ध बिजली की जरूरत होती है.