फोन की इन दिक्कतों को इग्नोर करना पड़ेगा भारी, जल्दी करें रिपेयर

Smartphone Repair Tips: अगर फोन अचानक हाथ से फिसल जाए या गलती से गिर जाए तो स्क्रीन या बैक ग्लास के डैमेज होने का खतरा रहता है. इसी तरह कुछ साल यूज करने पर फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है और चार्जिंग पोर्ट लूज होने जैसी दिक्कतें भी आने लगती हैं. ज्यादातर लोग शुरुआत में इन दिक्कतों को नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप भी ऐसी गलती करते हैं तो इससे बचना चाहिए. ये छोटी-छोटी दिक्कतें आगे चलकर बड़े खर्चे और परेशानी का कारण बन सकती हैं.
स्क्रीन क्रैक होना एक कॉमन प्रॉब्लम है. कितना भी ध्यान रखने पर फोन फिसल या गिर ही जाता है. अगर गिरने के बाद स्क्रीन क्रैक हो गई है, लेकिन यह काम कर रही होती है तो ज्यादातर लोग इसे रिपेयर नहीं करवाते. क्रैक्ड स्क्रीन के साथ फोन यूजर करने से स्क्रीन असेंबली में धूल और नमी जा सकती है, जो पैनल को डैमेज कर सकती है. इससे फ्रंट कैमरा और टच फंक्शनलिटी भी खराब हो सकती है.
कुछ साल तक यूज करने के बाद कई फोन का चार्जिंग पोर्ट लूज हो जाता है. इस कारण चार्जिंग स्लो हो जाती है और चार्जर एक खास एंगल से लगाने पर ही काम करता है. अगर आपके फोन में ऐसी दिक्कत आ रही है तो इसे तुरंत रिपेयर कराना बेहतर होगा. पोर्ट के लूज होने से इसमें धूल और दूसरा कचरा जमा हो सकता है. इसके अलावा चार्जिंग में आने वाली प्रॉब्लम के कारण चार्जिंग कनेक्टर, मदरबोर्ड सर्किट और पावर मैनेजमेंट ICs के खराब होने का भी डर रहता है.
बैटरी से जुड़ी दिक्कत आना भी काफी कॉमन है. अगर आपको ओवरहीटिंग, अचानक से फोन का बंद हो जाना, फोन का स्लो हो जाना और तेजी से बैटरी डिस्चार्ज होने जैसे वॉर्निंग साइन दिख रहे हैं तो ये बताते हैं कि बैटरी रिप्लेस करने की जरूरत है. पुरानी और खराब बैटरी के साथ फोन यूज करने से चार्जिंग सर्किट, इंटरनल कनेक्शन और डिस्प्ले कंपोनेंट आदि खराब हो जाते हैं, जिन्हें रिपेयर करने के लिए मोटा पैसा खर्च करना पड़ सकता है.
अगर आपका फोन थोड़े से यूज के बाद ही ओवरहीट हो जाता है तो इस वॉर्निंग साइन को इग्नोर न करें और तुरंत रिपेयर कराने के बारे में विचार करें. खराब बैटरी, घटिया क्वालिटी के चार्जर, डैमेज्ड मदरबोर्ड जैसी चीजों के कारण भी फोन में ओवरहीटिंग की समस्या आ सकती है. फोन के लगातार ओवरहीट रहने से बैटरी, प्रोसेसर, डिस्प्ले, चार्जिंग सिस्टम समेत पूरे फोन पर असर पड़ता है.
अगर फोन का बैक ग्लास डैमेज हो गया है तो इसका सीधा असर वायरलेस चार्जिंग, स्ट्रक्चरल सपोर्ट और वाटर रजिस्टेंस पर पड़ेगा. अगर आप इसे समय रहते हुए रिपेयर नहीं करवाते हैं तो पानी अंदर जा सकता है. इसी तरह इंटरनल पार्ट्स पर धूल जमा होने, फ्रेम के डैमेज होने का खतरा रहता है. इसलिए डैमेज को रिपेयर कर इन बड़े खतरों और इनके खर्चों से बचा जा सकता है.
ज्यादातर लोगों को लगता है कि कैमरा डैमेज होने से सिर्फ फोटो क्वालिटी पर ही असर पड़ता है, लेकिन असल में खतरा इससे बड़ा होता है. कैमरा लेंस क्रैक होने से धूल और नमी इंटरनल पार्ट्स तक पहुंच सकती है, जिससे रस्टिंग का खतरा बढ़ जाता है. इससे न सिर्फ फोटो क्वालिटी पर असर पड़ेगा बल्कि पूरा कैमरा मॉड्यूल भी खराब हो सकता है.
फोन को ऐसे डैमेज से बचाने के लिए कुछ टिप्स आपके काम आ सकती है. उदाहरण के तौर पर अच्छी क्वालिटी का कवर और स्क्रीन प्रोटेक्टर फोन को फिजिकल डैमेज से बचाया जा सकता है. इसी तरह कुछ अच्छी चार्जिंग आदतों का पालन कर फोन के चार्जिंग पोर्ट और बैटरी को भी लंबे समय तक खराब होने से बचाया जा सकता है.