अचानक गायब हुआ फोन का नेटवर्क? सावधान! ये साधारण खराबी नहीं, e-SIM फ्रॉड का जाल भी हो सकता है
गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा इकाई Indian Cyber Crime Coordination Centre ने इस घटना का जिक्र करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. जानकारी के अनुसार, ठगों ने महिला के मोबाइल नंबर पर नियंत्रण हासिल कर लिया और फिर बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग कर बड़ी रकम उड़ा ली.
यह तरीका काफी हद तक सिम स्वैप धोखाधड़ी जैसा है. साइबर अपराधी खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं. वे नेटवर्क समस्या, सिम अपग्रेड या e-SIM में बदलने का बहाना बनाकर निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं. इन जानकारियों के आधार पर वे नया e-SIM जारी करवा लेते हैं या मौजूदा नंबर को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं.
जैसे ही आपका मोबाइल नंबर उनके पास चला जाता है, वे ओटीपी प्राप्त कर सकते हैं और बैंक खातों या अन्य डिजिटल सेवाओं में आसानी से घुसपैठ कर सकते हैं. पीड़ित को तब तक कुछ समझ नहीं आता, जब तक नुकसान हो नहीं जाता.
सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें चाहे सामने वाला खुद को कस्टमर केयर एजेंट ही क्यों न बताए. टेलीकॉम कंपनियां आमतौर पर खुद फोन करके सिम अपग्रेड करने के लिए नहीं कहतीं. यदि नेटवर्क से जुड़ी समस्या हो तो सीधे आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर या नजदीकी स्टोर से संपर्क करें.
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकृत संस्थाओं के प्रमोशनल या सर्विस कॉल विशेष नंबर सीरीज से आते हैं. अगर कोई साधारण मोबाइल नंबर या लैंडलाइन से कॉल कर निजी जानकारी मांग रहा है तो सावधान हो जाएं.
यदि आपको ऐसा कोई संदिग्ध कॉल मिले तो तुरंत इसकी शिकायत संचार साथी पोर्टल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें. समय रहते रिपोर्ट करने से न सिर्फ आपका नुकसान रोका जा सकता है, बल्कि दूसरों को भी इस जाल में फंसने से बचाया जा सकता है. फोन का नेटवर्क अचानक गायब हो तो इसे हल्के में न लें. पहले जांचें फिर कदम उठाएं क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है.