पुराना फोन खरीदने जा रहे हैं? जरा रुकिए! ये एक गलती कर सकती है आपका हजरों का नुकसान, फटाफट जानें क्या करें चेक

आजकल सेकेंड हैंड फोन खरीदना काफी आम हो गया है. बजट कम हो, नया मॉडल चाहिए या फिर सिर्फ बैकअप फोन पुराने स्मार्टफोन की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. लेकिन अगर थोड़ी सी सावधानी न बरती जाए तो सेकेंड हैंड फोन खरीदना भारी नुकसान का सौदा साबित हो सकता है. कई लोग बाहरी लुक देखकर फोन खरीद लेते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि डिवाइस में छुपी खामियां हैं या फिर फोन चोरी का निकला. इसलिए खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच बेहद ज़रूरी है.
सबसे पहले फोन को हाथ में लेकर उसकी बॉडी और स्क्रीन को ध्यान से देखें. अगर फ्रेम टेढ़ा है, स्क्रीन उभरी हुई है या बैक कवर ऊपर उठा हुआ लगता है तो यह फूली हुई बैटरी का संकेत हो सकता है. स्क्रीन पर गहरे स्क्रैच, दाग या लाइनों जैसी समस्याओं को भी नज़रअंदाज न करें, क्योंकि आगे चलकर ये भारी खर्च बन सकती हैं.
कई बार सस्ते दाम में चोरी के फोन भी बेचे जाते हैं. इसलिए फोन का IMEI नंबर जांचना बेहद जरूरी है. फोन में *#06# डायल करें और दिखने वाला IMEI नंबर गूगल या सरकारी पोर्टल पर चेक करें. अगर IMEI ब्लैकलिस्टेड है या ट्रैकिंग में कोई समस्या दिखती है तो उस फोन से तुरंत दूरी बना लें.
सेकेंड हैंड फोन में बैटरी का खराब होना सबसे आम समस्या होती है. यदि आप iPhone देख रहे हैं, तो बैटरी हेल्थ चैप्टर में जाकर स्टेटस देख लें. Android फोनों में बैटरी बैकअप और चार्जिंग स्पीड से काफी अंदाजा लगाया जा सकता है. चार्जिंग पोर्ट ढीला हो या केबल बार-बार डिस्कनेक्ट हो रही हो तो समझिए आगे चलकर दिक्कत पक्की है.
पुराना फोन खरीदते समय सिर्फ कैमरा और कॉलिंग ही नहीं, बल्कि स्टोरेज, ऐप ओपनिंग स्पीड और सिस्टम अपडेट भी चेक करें. अगर फोन बार-बार हैंग हो रहा है या अपडेट बंद हो चुके हैं तो वह डिवाइस ज्यादा दिन आपके काम नहीं आएगा.
पुराना फोन खरीदना सही फैसला हो सकता है, बशर्ते आप सावधानी से जांच करें. छोटी सी चूक आपको हजारों का नुकसान करा सकती है. इसलिए हमेशा फोन को अच्छी तरह चेक करें IMEI वैरिफाइ करें और बैटरी व सॉफ्टवेयर दोनों की स्थिति जरूर परखें.