IMD AI Weather Forecast System 2026: 10 दिन पहले ही जान लेंगे कि आपके एरिया में कब होगी बारिश? यह AI आएगा काम

भारत में अब मौसम का पूर्वानुमान पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और सटीक होने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नए AI आधारित सिस्टम लॉन्च किए हैं, जिनसे अब सिर्फ बड़े जिलों या शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि आपके खेत, गली, या मोहल्ले के स्तर तक बारिश और मौसम की जानकारी मिल सकेगी. खासकर उत्तर प्रदेश के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जो हाई-रिजॉल्यूशन यानी बहुत छोटे इलाके के लिए मौसम की सही जानकारी देगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे 10 दिन पहले ही जान लेंगे कि आपके एरिया में कब बारिश होगी और कौन सा AI काम आएगा.
उत्तर प्रदेश में शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब AI तकनीक हर 1 किलोमीटर के क्षेत्र में बारिश का अनुमान लगा सकती है. यह पारंपरिक मौसम पूर्वानुमान से कहीं ज्यादा सटीक है. इससे अब आपको पता चल सकेगा कि आपके घर या खेत के पास कब और कितनी बारिश होने वाली है. इसमें पुराने बड़े क्षेत्र के डेटा को AI की मदद से घटाकर 1 किलोमीटर तक लाया गया है. इससे नोएडा, गाजियाबाद या लखनऊ के जलभराव वाले हॉटस्पॉट और छोटे-छोटे इलाके पहले ही पहचान लिए जाएंगे.
IMD ने पंचायत मौसम सेवा भी शुरू की है, जो 16 राज्यों के 3,000 से ज्यादा ब्लॉकों में काम करेगी. इसके जरिए किसानों को 4 हफ्ते पहले ही मौसम की जानकारी मिल सकेगी. इससे वे अपने फैसले, जैसे बुवाई, सिंचाई और फसल की सुरक्षा, पहले और सही समय पर ले सकेंगे. और यह जानकारी सिर्फ वेबसाइट पर नहीं, बल्कि WhatsApp, SMS, किसान पोर्टल और मंडियों में लगे डिस्प्ले बोर्ड्स के जरिए सीधे किसानों तक पहुंचेगी.
इस नए AI सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ बारिश की भविष्यवाणी नहीं करेगा, बल्कि यह बताएगा कि बारिश का असर कहां और कितना होगा. इससे प्रशासन को जल निकासी, राहत कार्य और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने में आसानी होगी यानी भारी बारिश के समय सिर्फ प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किए जाएंगे.
IMD ने इस काम के लिए दो बड़े AI प्रोजेक्ट शुरू किए हैं. जिसमें पहला AI Monsoon Advance Forecast System है. इसमें 16 राज्यों के 3,000 से ज्यादा ब्लॉकों में अगले 4 हफ्तों का मौसम अनुमान देगा. वहीं दूसरा High-Resolution Rainfall Forecast है, जो प्रोजेक्ट हर 1 किलोमीटर के ग्रिड में 10 दिन पहले बारिश का पता लगाएगा. इन दोनों सिस्टम से भारत के सबसे एडवांस और लोकल मौसम पूर्वानुमान की सुविधा मिल रही है.
इस सिस्टम में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. जैसे ऑटोमैटिक रेन गेज, वेदर स्टेशन, डॉप्लर रडार, सैटेलाइट डेटा. AI इन सभी डेटा को प्रोसेस करके सटीक और हाई-रिजॉल्यूशन मौसम का पूर्वानुमान तैयार करता है, यही वजह है कि अब मौसम की जानकारी छोटे इलाके तक बेहद सटीक रूप से पहुंचेगी.
इस नई तकनीक से किसानों को कई फायदे मिलेंगे. जैसे सही समय पर फसल बोना, साथ ही सिंचाई की बेहतर योजना और फसल सुरक्षा के फैसले लेना. इसके अलावा कटाई का सही समय तय करना और बारिश आधारित खेती वाले इलाके में नुकसान कम करना भी शामिल है. सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि आम लोग और प्रशासन भी इससे फायदा उठा सकेंगे. भारी बारिश या तूफानी मौसम से पहले तैयार रहना आसान होगा.