कहीं आपका चार्जर भी तो नहीं है नकली? 30 सेकंड में ऐसे पहचानें असली-फर्जी का खेल

बाजार में स्मार्टफोन एक्सेसरीज़ की बढ़ती मांग के साथ नकली चार्जरों का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है. कई फेक चार्जर बिल्कुल असली उत्पादों जैसे दिखाई देते हैं जिससे आम लोगों के लिए उनमें अंतर करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, ऐसा चार्जर इस्तेमाल करना आपके फोन और आपकी सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकता है. नकली चार्जर बैटरी की उम्र कम करने के साथ-साथ ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट, आग लगने और विस्फोट जैसी गंभीर समस्याओं की वजह भी बन सकते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आपका चार्जर असली है या नहीं.
चार्जिंग के दौरान फोन या चार्जर का हल्का गर्म होना सामान्य माना जाता है लेकिन यदि चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है या फोन असामान्य रूप से तपने लगता है तो यह खतरे का संकेत हो सकता है. नकली चार्जरों में अक्सर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता जिसके कारण ओवरहीटिंग की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए चार्जर पर BIS, ISI या अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र मौजूद हैं या नहीं इसकी जांच जरूर करनी चाहिए.
चार्जर पर छपी जानकारी भी उसकी असलियत बताने में मदद करती है. असली चार्जर पर कंपनी का नाम, मॉडल नंबर, इनपुट-आउटपुट रेटिंग और अन्य जरूरी सर्टिफिकेशन स्पष्ट रूप से लिखे होते हैं. यदि यह जानकारी अधूरी है धुंधली दिखाई दे रही है या बिल्कुल नहीं दी गई है तो चार्जर के नकली होने की आशंका बढ़ जाती है.
अगर फिर भी संदेह बना हुआ है तो चार्जर के मॉडल नंबर को संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच सकते हैं. कई ब्रांड अपने ओरिजिनल चार्जर और एक्सेसरीज़ की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराते हैं. इससे यह पता लगाना आसान हो जाता है कि आपके पास मौजूद चार्जर असली है या नहीं.
कीमत भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है. यदि किसी लोकप्रिय ब्रांड का चार्जर बाजार में सामान्य कीमत से बहुत कम दाम पर मिल रहा है तो सावधान रहने की जरूरत है. अक्सर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बेहद सस्ते दाम पर नकली चार्जर बेचे जाते हैं जो देखने में लगभग असली जैसे लगते हैं.
चार्जिंग स्पीड पर ध्यान देना भी जरूरी है. यदि आपका फोन फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है लेकिन चार्जर उसे बहुत धीमी गति से चार्ज कर रहा है तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि चार्जर असली नहीं है. नकली चार्जर अक्सर वह पावर आउटपुट नहीं दे पाते जिसका दावा किया जाता है जिससे चार्जिंग का समय बढ़ जाता है.
नकली चार्जर का खतरा केवल धीमी चार्जिंग तक सीमित नहीं रहता. यह आपके स्मार्टफोन की बैटरी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है और डिवाइस की परफॉर्मेंस को भी प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और हार्डवेयर डैमेज जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. कई मामलों में फेक चार्जरों की वजह से आग लगने और बैटरी फटने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं. इसलिए हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही चार्जर खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद का इस्तेमाल करने से बचें.