हर महीने इतने GB डेटा उड़ाते हैं यूजर्स! 5G इस्तेमाल में दुनिया में इस नंबर पर है भारत
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2025 के दौरान पूरे देश में 5G डेटा ट्रैफिक में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. सालाना आधार पर इसमें लगभग 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा बढ़कर 12.9 एक्साबाइट तक पहुंच गया. इसी के साथ अब कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी करीब 47 प्रतिशत हो गई है जो इसके तेजी से फैलते प्रभाव को दर्शाता है.
पिछले पांच सालों की बात करें तो प्रति यूजर डेटा खपत में औसतन 18 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बेहतर मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार और तकनीकों की बढ़ती मांग है. आज के समय में AI बेस्ड ऐप्स, 4K वीडियो स्ट्रीमिंग और क्लाउड गेमिंग जैसी सर्विसेज लोगों के बीच तेजी से फेमश हो रही हैं जिससे डेटा खपत लगातार बढ़ रहा है.
देश में कुल डेटा ट्रैफिक भी तेजी से बढ़ा है और 2025 में यह हर महीने 27 एक्साबाइट के आंकड़े को पार कर गया. पिछले पांच वर्षों में इसमें 21.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है. यह संकेत देता है कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है.
वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है. अब देश दुनिया में 5G यूजर्स की संख्या के मामले में दूसरे स्थान पर है. इसके साथ ही 5G डेटा इस्तेमाल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) यूजर्स की संख्या में भी भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है. खासतौर पर FWA ने डेटा खपत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है और 5G डेटा में इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है. इस सेगमेंट में यूजर्स की संख्या साल दर साल दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही है.
भारत में मोबाइल ब्रॉडबैंड एक नए दौर में एंट्री कर रहा है जहां 5G और AI तकनीकों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर भी तेजी से विकसित हो रहा है ताकि बढ़ती मांग और नई सेवाओं को बेहतर तरीके से सपोर्ट किया जा सके.
मेट्रो शहरों में 5G का विस्तार सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है जहां कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा इसी तकनीक से आता है. वहीं, डिवाइस के स्तर पर भी बड़ा बदलाव हो रहा है. 2025 तक देश में करीब 89.2 करोड़ 4G डिवाइस एक्टिव थे जिनमें से 38.3 करोड़ से ज्यादा पहले से 5G सपोर्ट के साथ आते हैं.
सस्ते 5G स्मार्टफोन्स की बढ़ती उपलब्धता ने भी इस बदलाव को गति दी है. 100 डॉलर से कम कीमत वाले 5G फोन की शिपमेंट में साल दर साल करीब 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है. यही वजह है कि साल भर में लॉन्च हुए 90 प्रतिशत से ज्यादा स्मार्टफोन्स 5G सपोर्ट के साथ आए.