Gmail पर Username डालते ही कैसे पता चल जाता है ‘Already Taken’? Google की इस सुपरफास्ट ट्रिक का सच जानकर उड़ जाएंगे होश

आज दुनिया भर में करोड़ों लोग नए Gmail अकाउंट बनाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जैसे ही आप कोई Gmail username टाइप करते हैं तुरंत Username already taken का मैसेज कैसे आ जाता है? हैरानी की बात यह है कि Google के पास अरबों अकाउंट्स मौजूद हैं फिर भी सिस्टम कुछ मिलीसेकंड में बता देता है कि नाम उपलब्ध है या नहीं. इसके पीछे बेहद एडवांस टेक्नोलॉजी और सुपरफास्ट डेटाबेस सिस्टम काम करता है.
कई लोगों को लगता है कि Google शायद सभी Gmail अकाउंट्स को एक-एक करके स्कैन करता होगा लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है. Google खास तरह के हाई-स्पीड डेटाबेस इस्तेमाल करता है जो किसी लाइब्रेरी के डिजिटल इंडेक्स की तरह काम करते हैं.
जैसे लाइब्रेरी में हर किताब खोजने के बजाय सीधे सही शेल्फ तक पहुंचा जाता है, वैसे ही Google सीधे उस जगह पहुंच जाता है जहां username की जानकारी मौजूद हो सकती है. इससे सिस्टम को पूरा डेटाबेस खंगालने की जरूरत नहीं पड़ती और रिजल्ट तुरंत मिल जाता है.
Google का डेटा सिर्फ एक कंप्यूटर में स्टोर नहीं होता. कंपनी दुनियाभर में फैले कई बड़े डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करती है. इन डेटा सेंटर्स में जानकारी छोटे-छोटे हिस्सों में बांटी जाती है. जब कोई यूजर नया username डालता है तो कई सर्वर एक साथ काम शुरू कर देते हैं. इसे Distributed Computing कहा जाता है. यानी हजारों सर्वर मिलकर कुछ ही पलों में जांच कर लेते हैं कि username पहले से मौजूद है या नहीं.
कुछ usernames जैसे rahul, john123, techguru बहुत ज्यादा सर्च किए जाते हैं. इसलिए Google इन्हें पहले से ही Cache नाम की फास्ट मेमोरी में सेव रखता है. Cache ऐसी सिस्टम मेमोरी होती है जहां बार-बार इस्तेमाल होने वाला डेटा तुरंत एक्सेस के लिए रखा जाता है. इससे बार-बार मुख्य डेटाबेस में खोज करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसी वजह से Gmail यूजर को लगभग तुरंत जवाब दे देता है.
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Google कुछ usernames को सुरक्षा कारणों से पहले से ही रिजर्व या ब्लॉक कर देता है. उदाहरण के तौर पर बड़े ब्रांड्स के नाम, मशहूर हस्तियों से मिलते-जुलते usernames, स्पैम या फिशिंग से जुड़े नाम. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा न दे सके.
Google सिर्फ Gmail ही नहीं बल्कि YouTube, Android, Google Drive और कई दूसरी सेवाओं के अरबों यूजर्स को संभालता है. इसके बावजूद username availability चेक करने में आमतौर पर एक सेकंड से भी कम समय लगता है. यह सब स्मार्ट indexing, caching और distributed servers की वजह से संभव हो पाता है.