महंगा Flagship फोन लेने से पहले रुकिए! फायदे नहीं, ये 3 बड़े नुकसान जानकर उड़ जाएंगे होश
सबसे पहला नुकसान सामने आता है कीमत को लेकर. महंगे फोन की कीमत बहुत तेजी से गिरती है. जैसे ही नई सीरीज लॉन्च होती है वैसे ही पुराने फ्लैगशिप मॉडल की वैल्यू अचानक नीचे आ जाती है. खासतौर पर Samsung और Apple के मामले में यह साफ देखा जा सकता है.
जो लोग कम कीमत में फ्लैगशिप फोन लेना चाहते हैं उनके लिए यह फायदेमंद हो सकता है लेकिन जिसने फोन लॉन्च के समय भारी रकम चुकाई होती है उसकी रीसेल वैल्यू बेहद कम रह जाती है. कुछ महीनों में ही फोन की कीमत लाखों से हजारों कम हो जाना कई लोगों को निराश कर देता है.
दूसरा बड़ा नुकसान है मेंटेनेंस और रिपेयरिंग का खर्च. महंगा फोन टूट जाए या खराब हो जाए, तो जेब पर सीधा असर पड़ता है. फ्लैगशिप फोन की स्क्रीन या बैक पैनल बदलवाने में ही 30 से 40 हजार रुपये तक खर्च हो सकते हैं. इस रकम में तो एक अच्छा मिड-रेंज स्मार्टफोन आसानी से खरीदा जा सकता है. यानी जितना प्रीमियम फोन होगा उतनी ही महंगी उसकी मरम्मत और देखभाल भी होगी.
तीसरा नुकसान उन फीचर्स से जुड़ा है जिनका ज्यादातर लोग कभी इस्तेमाल ही नहीं करते. फ्लैगशिप फोन में ढेरों एडवांस फीचर्स दिए जाते हैं जैसे 100x ज़ूम कैमरा, 8K वीडियो रिकॉर्डिंग या सैटेलाइट कनेक्टिविटी. सुनने में ये फीचर्स बेहद शानदार लगते हैं लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में अधिकतर यूजर्स इनका फायदा नहीं उठाते.
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ कुछ गिने-चुने फीचर्स के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करना सही फैसला है? इसलिए महंगा फोन खरीदने से पहले सिर्फ उसके फायदे नहीं, बल्कि नुकसान भी जरूर समझने चाहिए. तभी आप सही और समझदारी भरा फैसला ले पाएंगे.