e-SIM से क्या सच में बढ़ जाती है इंटरनेट स्पीड? जानिए हकीकत, कहीं आप भी तो नहीं हैं इस गलतफहमी में

आजकल बाजार में आने वाले ज्यादातर प्रीमियम स्मार्टफोन e-SIM सपोर्ट के साथ लॉन्च हो रहे हैं. इसी वजह से कई लोगों को लगने लगा है कि e-SIM इस्तेमाल करने से इंटरनेट ज्यादा तेज चलता है और 5G स्पीड बेहतर मिलती है. लेकिन असलियत इससे थोड़ी अलग है. अगर आप सिर्फ तेज इंटरनेट की उम्मीद में e-SIM वाला फोन खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले इसके पीछे की सच्चाई जान लेना जरूरी है.
दरअसल, इंटरनेट स्पीड का सीधा संबंध SIM के प्रकार से नहीं होता. चाहे फोन में फिजिकल SIM हो या e-SIM, नेटवर्क की स्पीड मुख्य रूप से फोन के हार्डवेयर और नेटवर्क क्वालिटी पर निर्भर करती है. नए स्मार्टफोन में मिलने वाली बेहतर 5G स्पीड का कारण उनके एडवांस मॉडेम, बेहतर एंटीना और नई चिपसेट टेक्नोलॉजी होती है. यही वजह है कि नए डिवाइस पुराने मॉडल की तुलना में ज्यादा स्थिर और तेज इंटरनेट अनुभव देते हैं.
पिछले कुछ वर्षों में 5G नेटवर्क और e-SIM दोनों टेक्नोलॉजी तेजी से लोकप्रिय हुई हैं. इसी कारण लोगों के मन में यह धारणा बन गई कि e-SIM वाले फोन में इंटरनेट ज्यादा तेज चलता है. जबकि सच यह है कि दोनों तकनीकों का एक साथ आना सिर्फ एक संयोग है.
मोबाइल ऑपरेटर्स भी लगातार अपने नेटवर्क को अपग्रेड कर रहे हैं. 5G कवरेज बढ़ने के साथ इंटरनेट स्पीड में सुधार देखने को मिला है. हालांकि कई बार खराब नेटवर्क कवरेज, कमजोर सिग्नल या किसी एरिया में ज्यादा यूजर्स होने के कारण स्पीड कम हो सकती है. ऐसे में धीमे इंटरनेट का कारण e-SIM नहीं बल्कि नेटवर्क की स्थिति होती है.
स्मार्टफोन कंपनियां भी अपने फ्लैगशिप डिवाइस में लगातार बेहतर 5G मॉडेम और पावरफुल प्रोसेसर दे रही हैं. महंगे फोन में इस्तेमाल होने वाली एडवांस चिप्स बेहतर सिग्नल पकड़ने और ज्यादा स्थिर इंटरनेट कनेक्शन देने में सक्षम होती हैं. इसी के साथ कंपनियों ने e-SIM सपोर्ट को भी नए फीचर के तौर पर शामिल करना शुरू किया.
e-SIM का सबसे बड़ा फायदा फोन के अंदर की जगह बचाना है. क्योंकि इसमें फिजिकल SIM स्लॉट की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए कंपनियां उस अतिरिक्त जगह का इस्तेमाल बड़ी बैटरी या पतले डिजाइन के लिए कर सकती हैं. यही कारण है कि कई नए स्मार्टफोन पहले से ज्यादा स्लिम और हल्के बन रहे हैं.
इसके अलावा, फिजिकल SIM स्लॉट हटने से फोन को पानी और धूल से सुरक्षित बनाना भी आसान हो जाता है. यही वजह है कि छोटे स्मार्ट डिवाइस और प्रीमियम स्मार्टफोन में e-SIM को तेजी से अपनाया जा रहा है. आज कई फोन डुअल SIM सपोर्ट देते हैं जिसमें एक फिजिकल SIM और एक e-SIM शामिल होता है.
अब कुछ कंपनियां पूरी तरह e-SIM की तरफ बढ़ रही हैं. Apple ने अमेरिका में iPhone 14 सीरीज से केवल e-SIM वाले मॉडल पेश करने शुरू किए थे. वहीं नए iPhone मॉडल कई बाजारों में डुअल e-SIM सपोर्ट के साथ आते हैं. Google की Pixel सीरीज में भी केवल e-SIM वर्जन देखने को मिल रहे हैं जबकि Samsung अब भी फिजिकल SIM और e-SIM दोनों का सपोर्ट दे रहा है.