कैफे या पब्लिक जगह पर करते हैं Wi-Fi का इस्तेमाल? जानिए कैसे खतरे में पड़ सकता है आपका डेटा, लॉगिन करने से पहले जान लें ये ट्रिक्स

आज के डिजिटल दौर में घर या ऑफिस तक सीमित रहना जरूरी नहीं रह गया है. कई लोग अब कैफे, को-वर्किंग स्पेस, होटल लॉबी या एयरपोर्ट लाउंज से ही अपना काम निपटा लेते हैं. तेज इंटरनेट और रिमोट वर्क कल्चर ने इसे आसान बना दिया है. लेकिन पब्लिक जगहों से काम करने के साथ कुछ बड़े सुरक्षा और प्राइवेसी रिस्क भी जुड़े होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.
अगर आप रिमोट या हाइब्रिड मोड में काम करते हैं तो सबसे पहले अपनी कंपनी के नियमों को समझना जरूरी है. कई संस्थाएं पब्लिक जगहों पर काम करने के लिए खास गाइडलाइंस देती हैं और कुछ मामलों में संवेदनशील डेटा के साथ ऐसी जगहों पर काम करने से मना भी करती हैं. इसलिए कहीं से भी काम शुरू करने से पहले यह जान लें कि आपकी कंपनी क्या अनुमति देती है और क्या नहीं.
कैफे या को-वर्किंग स्पेस में आसपास कई अनजान लोग होते हैं. ऐसे में कोशिश करें कि आप ऐसी जगह बैठें जहां आपकी स्क्रीन दूसरों को आसानी से न दिखे. अगर संभव हो तो दीवार के पास बैठें ताकि कोई पीछे से आपकी स्क्रीन न देख सके.
इसके अलावा स्क्रीन प्राइवेसी फिल्टर का इस्तेमाल करना भी एक अच्छा उपाय है जिससे साइड एंगल से स्क्रीन देखना मुश्किल हो जाता है. फ्री Wi-Fi हमेशा आकर्षक लगता है लेकिन यह सबसे बड़ा खतरा भी हो सकता है. ऐसे नेटवर्क पर आपका डेटा चोरी या हैक होने का जोखिम रहता है खासकर जब उसमें पासवर्ड की जरूरत नहीं होती.
कई बार नकली Wi-Fi नेटवर्क भी बनाए जाते हैं जो असली जैसे दिखते हैं और लोग गलती से उनसे जुड़ जाते हैं. इससे आपकी निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है.
पब्लिक Wi-Fi की जगह मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह आपके फोन के नेटवर्क पर चलता है. इसके अलावा VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल करने से आपका डेटा एन्क्रिप्ट हो जाता है और हैकर्स के लिए उसे पढ़ना मुश्किल हो जाता है.
पब्लिक जगह पर लैपटॉप या फोन खुला छोड़ना चोरी का जोखिम बढ़ा सकता है. अगर आप कहीं जा रहे हैं तो अपने डिवाइस को साथ लेकर ही जाएं. साथ ही, जरूरी या गोपनीय बातचीत सार्वजनिक जगहों पर करने से बचें. आसपास कौन सुन रहा है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है.