क्या टूटे डिस्प्ले पर लगाया जा सकता है स्क्रीन प्रोटेक्टर? यहां जानें

Screen Protector Benefits: फोन की स्क्रीन टूट जाना एक बड़ा झटका होता है. चाहे आप आईफोन यूज कर रहे हैं या एंड्रॉयड, दोनों ही स्थिति में स्क्रीन रिप्लेसमेंट का खर्चा काफी ज्यादा होता है. इसलिए स्क्रीन प्रोटेक्टर को एक अच्छा तरीका माना जाता है तो आपके फोन के डिस्प्ले को डैमेज होने से बचा लेता है. कम ही लोग जानते हैं कि क्रैक हो चुकी स्क्रीन पर भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है और यह नुकसान को बढ़ने से रोक सकता है.
अगर फोन के डिस्प्ले पर हल्की खरोंच या हेयरलाइन क्रैक है तो उस स्थिति में भी स्क्रीन गार्ड इस्तेमाल किया जा सकता है. यह उस क्रैक को आगे बढ़ने से रोक सकता है. हालांकि, यह एक टेंपरेरी फिक्स है, लेकिन इससे क्रैक स्क्रीन की ड्यूरैबिलिटी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर फोन फिर से गिरता है तो यह डैमेज से काफी हद तक बचा लेगा. अगर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा है तो यह ग्लास को बिखरने से बचाने में भी काम आएगा.
ऐप्पल का कहना है कि यूजर्स को इंजरी से बचने के लिए क्रैक्ड डिस्प्ले वाले आईफोन को यूज नहीं करना चाहिए. इसी तरह गूगल भी ब्रोकन स्क्रीन को रिप्लेस करने की सलाह देती है. अगर रियल लाइफ में देखा जाए तो कई बार अलग-अलग कारणों से स्क्रीन टूटने के तुरंत बाद उसे रिप्लेस नहीं करवाया जा सकता. ऐसी स्थिति में आप स्क्रीन गार्ड इस्तेमाल कर सकते हैं. फिर जब भी आपको समय मिले, फोन की टूटी हुई स्क्रीन को रिप्लेस करवा सकते हैं.
अगर आपके फोन का डिस्प्ले टूट गया है तो आपको सबसे पहले जरूरी फंक्शन चेक करने चाहिए. सबसे पहले यह देखें कि क्या स्क्रीन टच करने पर रिस्पॉन्स कर रही है. इसी तरह आप इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, फेसआईडी और सेल्फी कैमरा को चेक कर सकते हैं. अगर ये सारे फंक्शन सही से काम कर रहे हैं तो आपको डिवाइस के डेटा का बैकअप लेना चाहिए. अगर स्क्रीन काम करना बंद कर देती है तो बैकअप लेना मुश्किल हो जाएगा.
स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय आपको फिटिंग के साथ-साथ बाकी चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए. ध्यान रखें कि प्रोटेक्टर का साइज स्क्रीन से छोटा या बड़ा न हो. इसी तरह लिक्विड एडहेसिव के साथ आने वाले प्रोटेक्टर को खरीदने से बचना चाहिए. इससे फोन के कंपोनेंट डैमेज हो सकते हैं. कई बार दुकानदार आपको किसी दूसरे मॉडल का स्क्रीन गार्ड दे देते हैं. कई बार यह फिट हो सकता है, लेकिन ऐसा करने से बचें. अपने फोन के मॉडल के हिसाब से ही स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदें.
स्क्रीन गार्ड लगाने से पहले टूटे हुए डिस्प्ले को पूरी तरह साफ कर लें. सफाई करते समय हार्ड चीजों और लिक्विड का इस्तेमाल न करें. इसके बाद आराम से इस पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा दें. ध्यान रखें कि जरा-सा भी प्रेशर नुकसान को बढ़ा सकता है. अगर प्रोटेक्टर लगाने के बाद एयर बबल रहते हैं तो उसकी चिंता न करें. ये दिखाते हैं कि फोन का ग्लास एकदम फ्लैट नहीं रहा है. कुछ दिनों तक आप इस जुगाड़ से काम चला सकते हैं.
स्क्रीन गार्ड के बाकी फायदों की बात करें तो प्रीमियम क्वालिटी वाले स्क्रीन गार्ड में एंटी-माइक्रोबायल लेयर होती है, जो कीटाणुओं को जमा होने से रोकती है. कई बार ऐसा होता है कि हमें गंदे हाथों से भी फोन छूना पड़ जाता है. इसलिए यह लेयर जरूरी होती है. इस तरह स्क्रीन गार्ड आपको स्क्रीन पर जमा होने वाली गंदगी से भी बचाता है. इसके अलावा यह स्क्रीन पर लगने वाले स्क्रैचेज, फोन गिरने पर होने वाले फिजिकल डैमेज से भी सुरक्षा देता है.
एक बार स्क्रीन गार्ड लगाने के बाद उसे परमानेंट न समझें. साल में एक बार स्क्रीन गार्ड बदल लेना चाहिए. अगर आपके फोन पर लगे स्क्रीन गार्ड में क्रैक्स या स्क्रैचेज आ गए हैं या यह अपनी जगह से उखड़ने लगा है तो इसे बदलना ठीक रहेगा. टचस्क्रीन की टच सेंसेटिविटी और विजिबिलिटी कम होने पर भी आप स्क्रीन प्रोटेक्टर को बदल सकते हैं.