कितने साल बाद बदल देना चाहिए WiFi राउटर? जानें ऐसा न करने से क्या होते हैं नुकसान और इंटरनेट की स्पीड पर कैसे पड़ता है असर
आमतौर पर WiFi राउटर की लाइफ 3 से 5 साल मानी जाती है. इसके बाद डिवाइस की परफॉर्मेंस धीरे-धीरे कम होने लगती है. टेक्नोलॉजी तेजी से बदलती है और नए राउटर में बेहतर स्पीड, रेंज और सिक्योरिटी फीचर्स मिलते हैं. अगर आपका राउटर 4-5 साल पुराना हो चुका है तो उसे बदलने का समय आ गया है.
समय के साथ राउटर के हार्डवेयर पर असर पड़ता है. इसके अलावा पुराने मॉडल नई WiFi टेक्नोलॉजी को सपोर्ट नहीं कर पाते जैसे कि WiFi 5 या WiFi 6. ज्यादा डिवाइस कनेक्ट होने पर भी पुराने राउटर की क्षमता कम पड़ जाती है जिससे इंटरनेट स्लो महसूस होता है. साथ ही, लगातार इस्तेमाल से डिवाइस गर्म भी होता है जो उसकी परफॉर्मेंस को प्रभावित करता है.
अगर आपके इंटरनेट की स्पीड बार-बार गिरती है वीडियो बफरिंग ज्यादा होती है या घर के हर कोने में सिग्नल नहीं पहुंचता तो यह साफ संकेत हैं कि राउटर पुराना हो चुका है. इसके अलावा अगर बार-बार राउटर रीस्टार्ट करना पड़ रहा है, तो भी यह एक चेतावनी है.
नया राउटर खरीदते समय लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का ध्यान रखना जरूरी है. WiFi 5 या WiFi 6 सपोर्ट वाले राउटर बेहतर स्पीड और कवरेज देते हैं. ड्यूल-बैंड या ट्राई-बैंड राउटर ज्यादा डिवाइस को आसानी से संभाल सकते हैं. साथ ही, अपने घर के साइज और इस्तेमाल के हिसाब से राउटर चुनना चाहिए ताकि हर कोने में अच्छा नेटवर्क मिल सके.
अगर आप बिना रुकावट के तेज इंटरनेट का आनंद लेना चाहते हैं तो समय-समय पर राउटर अपग्रेड करना जरूरी है. एक अच्छा और नया राउटर न सिर्फ आपकी स्पीड बढ़ाता है बल्कि आपके पूरे डिजिटल एक्सपीरियंस को बेहतर बना देता है.