AC Energy Saving Tips: ड्राई मोड में एसी चलाने से कितनी बचती है बिजली? जानें डिटेल

गर्मी के मौसम में एसी हर घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन साथ ही बिजली का बिल भी लोगों की चिंता बढ़ा देता है. ऐसे में बहुत से लोग एसी में मिलने वाले "ड्राई मोड" के बारे में जानना चाहते हैं, क्योंकि सुनने में आता है कि इससे बिजली की काफी बचत होती है. लेकिन असल में ड्राई मोड काम कैसे करता है, ये कूल मोड से कितना अलग है, और इसे इस्तेमाल करने से सच में कितनी बिजली बचती है, इन सारी बातों को समझना जरूरी है. आइए जानते हैं इसके बारे में पुरी जानकारी.
ड्राई मोड एसी की वो सेटिंग है जो कमरे के तापमान को ज्यादा कम करने की बजाय हवा में मौजूद नमी को कम करने का काम करती है. ये एक तरह से डीह्यूमिडिफायर की तरह काम करता है. इस मोड में एसी का कंप्रेसर लगातार पूरी ताकत से नहीं चलता, बल्कि रुक-रुक कर धीमी स्पीड पर चलता है. साथ ही पंखे की स्पीड भी बहुत कम कर दी जाती है, ताकि हवा धीरे-धीरे कॉइल के ऊपर से गुजरे और उसमें मौजूद नमी अच्छी तरह से निकल सके.
कूल मोड में एसी का मकसद कमरे को जल्दी से जल्दी ठंडा करना होता है, इसलिए कंप्रेसर और पंखा दोनों तेज स्पीड पर चलते हैं और ज्यादा बिजली खर्च होती है. वहीं ड्राई मोड का पुरा काम तापमान कम करना नहीं बल्कि हवा को सुखाना होता है. इस वजह से कमरे का तापमान बहुत ज्यादा नहीं गिरता, लेकिन नमी कम होने से हवा हल्की और ताजा महसूस होती है, जिससे गर्मी कम लगती है. यही वजह है कि उमस भरे मौसम में, जब तापमान बहुत ज्यादा न हो लेकिन चिपचिपाहट महसूस हो, तब ड्राई मोड एक अच्छा विकल्प साबित होता है.
अलग-अलग स्टडी और एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्राई मोड आमतौर पर कूल मोड की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक बिजली बचाता है, क्योंकि इसमें कंप्रेसर लगातार चलने की बजाय कम पावर पर रुक-रुक कर चलता है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक सही परिस्थितियों में ये बचत 20 से 30 प्रतिशत के आसपास भी हो सकती है, जबकि बेहतर हालात में कई घरों में ये बचत 50 प्रतिशत तक भी पहुंच सकती है. यानी कुल मिलाकर, ड्राई मोड इस्तेमाल करने से बिजली की खपत काफी हद तक कम हो सकती है, हालांकि इसका सही आंकड़ा आपके एसी के मॉडल और मौसम पर निर्भर करता है.
ड्राई मोड से कितनी बिजली बचेगी, ये कई बातों पर निर्भर करता है. जैसे बाहर की हवा में कितनी नमी है, कमरे का साइज कितना बड़ा है, एसी कितना पुराना या नया है, और आप किस स्तर तक नमी कम करना चाहते हैं. नए इनवर्टर टेक्नोलॉजी वाले एसी में ये फर्क ज्यादा साफ नजर आता है, क्योंकि ये मॉडल जरूरत के हिसाब से अपनी स्पीड खुद कम-ज्यादा कर लेते हैं. वहीं अगर कमरा बहुत बड़ा है या बाहर बहुत ज्यादा उमस है, तो एसी को लंबे समय तक चलाना पड़ सकता है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो ड्राई मोड का इस्तेमाल उन दिनों में सबसे फायदेमंद होता है जब मौसम बहुत ज्यादा गर्म न हो लेकिन हवा में नमी और चिपचिपाहट महसूस हो, जैसे बरसात के मौसम में या मानसून के आसपास के दिनों में. आमतौर पर इसे एक बार में एक से दो घंटे तक चलाना सही माना जाता है, ताकि कमरे की नमी सही स्तर तक आ जाए.
कुल मिलाकर, अगर आप बिजली का बिल कम करना चाहते हैं और मौसम बहुत ज्यादा गर्म नहीं है बल्कि सिर्फ उमस भरा है, तो ड्राई मोड एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है. ये न सिर्फ बिजली बचाता है बल्कि कमरे की हवा को भी ताजा और आरामदायक बनाता है. हालांकि अगर बाहर बहुत ज्यादा तपिश हो और कमरे को तुरंत ठंडा करना जरूरी हो, तो कूल मोड ही बेहतर विकल्प रहेगा.