इस सदी में पहली बार धरती के इतने करीब आया चांद, थम गई निगाहें
दरअसल इस सदी में पहली बार चांद धरती के इतने करीब आया. करीबी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि चांद 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी और चमकीला दिख रहा था.
लेकिन धरती के इतने करबी से बहुत ही लंबे समय बाद आया. अब ऐसा नजारा 2034 में 25 नवंबर को देखने को मिलेगा.
वैसे तो सुपरमून अक्सर दिखता रहता है. जैसे कि ये बीते 16 अक्टूबर को ही दिखा था.
ऐसे में चांद हमें आम दिनों के मुकाबले नजदीक और चमकदार दिखता है और इसे ही सुपरमून कहते हैं.
इसके अलावा जब सूरज, चांद और धरती एक कतार में आते हैं तब उसे (syzygy) सिजिगी कहते हैं.
पेरिजी का पूरा हिस्सा लगभग 48,280 किमी (30,000 मील) है.
इसका एक हिस्सा (perigee) पेरिजी कहलाता है. दूसरे हिस्से को (apogee) अपोजी कहते हैं.
अब ये नज़ारा 2034 में देखने को मिलेगा. सुपरमून को समझाते हुए नासा ने बताया कि चांद का एक एलिप्टिकल ऑरबिट होता है.
68 सालों बाद चांद धरती के बहुत ही करीब आ गया. ये खूबसूरत तस्वीर हिमाचल प्रदेश के शिमाल की है.