Akhilesh Yadav Education: कितने पढ़े लिखे हैं अखिलेश यादव, जानिए एजुकेशन और फैमिली के बारे में
Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. वो लगातार यूपी के विभिन्न शहरों में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. अखिलेश यादव ने दावा किया है कि वे आगामी चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ सीटों पर जीत हासिल करेंगे. आज की स्टोरी में हम आपको पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पढ़ाई, परिवार और राजनीतिक जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं.
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई साल 1973 को इटावा जिले के सैफई में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी पहली पत्नी मालती देवी के घर हुआ था. पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से विवाह कर लिया था.
अखिलेश यादव ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई इटावा के सेंट मैरी स्कूल से की. आगे की पढ़ाई के लिए उनका दाखिला राजस्थान के ढोलपुर मिलिट्री स्कूल में कराया गया. इसके बाद अखिलेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री ली. 24 नवंबर साल 1999 में अखिलेश यादव की शादी डिंपल यादव से हुई. वर्तमान में अखिलेश यादव की दो बेटियां और एक बेटा है.
पहली बार अखिलेश यादव साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. उस वक्त अखिलेश यादव केवल 26 साल के थे. वह साल 2000 से लेकर साल 2001 तक खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण समिति के सदस्य भी रहे.
इसके बाद अखिलेश यादव ने साल 2004 और साल 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भी जीत हासिल की. साल 2009 से साल 2012 तक वे पर्यावरण एवं वन संबंधी समिति और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर बनी जेपीसी के सदस्य रहे.साल 2012 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने 403 सीटों में से 224 सीटों पर जीत हासिल की. 15 मार्च साल 2012 को अखिलेश यादव ने 38 साल की उम्र में प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री बने. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वे आजमगढ़ सीट से चुनाव जीतकर एक बार फिर संसद पहुंचे.
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी साल 2012 के चुनाव परिणाम को दोहराने में बुरी तरह असफल रही. समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था. लेकिन सपा-कांग्रेस को केवल 47 सीटों पर ही जीत मिली. साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सपा ने बसपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा लेकिन ये गठबंधन भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाया. लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद मायावती ने अखिलेश यादव से दूरी बना ली.
साल 2016 में अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच दरार आ गई. दरअसल अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के करीबी राजकिशोर और गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद मुलायम ने अपने अखिलेश यादव को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाते हुए शिवपाल यादव को नया अध्यक्ष बना दिया था. इसके अलावा मुलायम सिंह ने रामगोपाल यादव को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. साल 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान सीट बंटवारे पर भी अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच गरमागरमी देखने को मिली थी.
साल 2013 में अखिलेश यादव ने आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड करने के कारण सुर्खियों में आ गए थे. मीडिया खबरों के मुताबिक साल 2014 में बॉलीवुड फिल्म पीके की पायरेटेड कॉपी डाउनलोड करने के कारण उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी.