Photos: 594km का सफर केवल 6 घंटे में, यूपी के 12 जिलों और 518 गांवों को जोड़ेगा Ganga Expressway

गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत
उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में हरदोई में किया जाएगा.
वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाया गया और रिकॉर्ड समय में इसे साकार करने की दिशा में कार्य हुआ.
गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा.
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 60 फीसदी उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी हो जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे के बीच में दोनों साइड एक एक लेन सड़क बनाने की जगह छोड़ी गई है.
साथ ही एक्सप्रेसवे के बाहर साइड लगभग एक लेन से ज्यादा जगह पार्किंग के लिए भी रखी गई है. गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के कई इंतजाम किए गए हैं.
एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सीमेंटेड फेंसिंग की गई है. स्पीड चेक करने के लिए हर दस किलोमीटर पर मॉनिटरिंग कैमरे लगाए गए हैं.
हर एक किलोमीटर पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं. रोड पर ऐड स्ट्रिप पर छोटे छोटे ब्रेकर नुमा पट्टे बनाए गए हैं, जिससे ड्राइवर आपात स्थिति में अलर्ट हो सके.
एक्सप्रेसवे पर कुल नौ फैसिलिटी सेंटर बनाये गए हैं.
इनमें पेट्रोल/डीजल पम्प, सीएनजी पम्प, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग पॉइंट, फ़ूड कोर्ट, कार पिक अप फ़ूड ऑर्डर पॉइंट बनाए गए हैं.
इसके अलावा कैफेटेरिया, ढाबा, मोटेल, डॉरमेट्री, ट्रामा सेंटर, मोटर व्हीकल सर्विस सेंटर, टॉयलेट्स और बड़ी पार्किंग बनाई गई है.
गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर महज 6 से 8 घंटे में तय किया जा सकेगा.