राजस्थान विश्वविद्यालय का 33 वां दीक्षांत समारोह कैसा रहा, क्या कुछ रहा खास?
सभी विभागों के लोग वहां मौजूद रहे. जहां राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समक्ष मानवीय मूल्य बचाए रखने की आज बड़ी चुनौती है.
अंधाधुंध जल-दोहन से राजस्थान ही नहीं देशभर में जल संकट की स्थितियां बन रही हैं. विश्वविद्यालय इन चुनौतियों के आलोक में शैक्षिक पहल करते हुए कार्य करे.
उन्होंने कहा कि वही शिक्षा सार्थक है जो विद्यार्थी को पाठ्यपुस्तकों के साथ परिवेश की समझ से जोड़े. उन्होंने कहा कि रटन्त शिक्षा डिग्री प्रदान कर सकती है पर जीवन में आगे नहीं बढ़ा सकती.
वहीं, उप-मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि शिक्षा जीवन को संस्कारित करती है.
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के लिए कि जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.
इस अवसर पर राज्यपाल और कुलाधिपति मिश्र ने विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले 1 लाख, 66 हज़ार, 139 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की है.
विभिन्न संकायों के 467 विद्यार्थियों को पीएच. डी. की उपाधि व विभिन्न परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 126 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए.
उन्होंने 102 स्वर्णपदक छात्राओं को और 24 स्वर्ण पदक छात्रों को प्रदान किए. तस्वीरों में देखिये पूरा कार्यक्रम.