Bharatpur: 200 साल पुराने मंदिर के अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, लोगों ने प्रदर्शन कर जाम किया रोड

भरतपुर में मंदिर में अवैध निर्माण तोड़ने पर लोगों ने किया प्रदर्शन.
राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) शहर में कुम्हेर गेट पर स्थित जाहरवीर बाबा के मंदिर की नवनिर्मित चार दिवारी पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है. प्रशासन द्वारा मंदिर की चार दिवारी तोड़ने पर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दी.
प्रशासन ने कुम्हेर गेट चौराहे पर जाहरवीर बाबा के मंदिर की नवनिर्मित चारदीवारी को मंगलवार (25 जून) को शाम को लगभग चार बजे बुलडोजर से हटाना शुरू किया. इसके बाद लोगों ने मंदिर में आस्था होने की बात कहकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
वहीं मंगलवार शाम लगभग सात बजे वहां लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने मंदिर में आरती करना शुरू कर दिया, जिससे प्रशासन को वापस लौटना पड़ा. जबकि प्रशासन के लौटने के बाद वहां भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और कुम्हेर गेट चौराहे पर टायर जला कर जाम लगा दिया. साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे.
बताया जा रहा है कि कुम्हेर गेट चौराहे पर लगभग साढ़े तीन घंटे जाम लगा रहा. मौके पर पुलिस प्रशासन और एडीएम सिटी श्वेता यादव पहुंची और लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यह मंदिर लगभग 200 साल पुराना है. यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. भक्तों की ओर से ही इस मंदिर की चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है. वहीं मंदिर सड़क से लगभग पांच फीट नीचे है, जहां बरसात में पानी भर जाता है और लोगों को काफी परेशानी होती है.
लोगों ने कहा कि मंदिर निर्माण से पहले नगर विकास न्यास द्वारा भवन निर्माण की स्वीकृति ली गई है. नगर विकास न्यास द्वारा स्वीकृति के बाद ही इस मंदिर के भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने मंदिर की चारदीवारी को गिरा दिया है.
वहीं एडीएम सिटी श्वेता यादव ने बताया है कि जाहरवीर बाबा के मंदिर की जिस नवनिर्मित दीवार को प्रशासन द्वारा हटाया गया है, उसकी शिकायत मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दीनदयाल सिंघल और महामंत्री नवरतन शर्मा ने 15 अप्रैल को की थी. इसके बाद 11 मई को उन्होंने ज्ञापन सौंपकर मंदिर के बाहर किए जा रहे अवैध निर्माण को हटाने की मांग की थी.
उनका कहना था कि अवैध निर्माण की वजह से श्रद्धालुओं को मंदिर दिखाई नहीं दे रहा है. साथ ही ऊंची दीवार होने की वजह से मंदिर के पास से जा रहे बिजली के हाईटेंशन तार से भविष्य में कोई हादसा हो सकता है. इसके अलावा हाई कोर्ट में की गई रिट पिटीशन के बाद मंदिर की नवनिर्मित चारदीवारी को हटाने का काम प्रशासन द्वारा शुरू किया गया.