Chandigarh Mayor Election: अनिल मसीह फिर सुर्खियों में, SC ने लगाई फटकार, पूछा- आप कैमरे पर क्यों देख रहे थे?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अनिल मसीह से सवाल किया. उन्होंने कहा कि पहले से ही विकृत आठ मतपत्रों पर 'क्रॉस' का निशान लगाया.
अनिल मसीह ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों पर हंगामा करने और बैलेट पेपर छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी के चलते वह काउंटिंग सेंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की तरफ देख रहे थे. मेयर चुनाव में आठ वोट अवैध घोषित किए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने अनिल मसीह से पूछा, आप कैमरे की तरफ क्यों देख रहे थे? इसपर अनिल मसीह ने कहा, वहां बहुत शोर हो रहा था. पार्षद कैमरा-कैमरा चिल्ला रहे थे. तभी मैंने उधर देखा कि क्या बात है.
53 साल के अनिल मसीह वर्तमान में चंडीगढ़ मेयर चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर हैं, जिनपर मतपत्रों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है.
अनिल मसीह लगभग एक दशक से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. अनिल मसीह 2015 में बीजेपी के सदस्य बने थे.
अनिल मसीह अल्पसंख्यक विंग का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं. उन्होंने चंड़ीगढ़ के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है.
अनिल मसीह ने डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. वहीं, उनकी पत्नी पंजाब इंजीनियरिंग हॉस्टल में गर्ल्स हॉस्टल की प्रबंधक हैं.
ऐसा पहली बार नहीं है जब अनिल मसीह का नाम किसी विवाद में आया हो. इससे पहले भी साल 2018 में एक विवाद में उनका आ चुका है. तब चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से उन्हें सभी चर्च गतिविधियों में भाग लेने से रोक दिया था. दो साल बाद उनपर लगा प्रतिबंध हटाया गया.