Martyr Jitendra Kumar Last Rites: तस्वीरों में देखिए शहीद जवान जितेंद्र कुमार वर्मा का आखिरी सफर
तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी. शहीद होने वालों में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के धामंदा गांव निवासी जितेंद्र कुमार वर्मा भी शामिल थे. वो जनरल रावत के पीएसओ थे. शहीद जितेंद्र का पार्थिव शरीर रविवार को उनके गांव धामंदा पहुंचा. यहां आर्मी के जवानों, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. नीचे की स्लाइड में देखें इस अवसर की तस्वीरें.
धामंदा के नायक जितेंद्र कुमार वर्मा रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. उनके डेढ़ साल के बेटे चैतन्य और छोटे भाई धर्मेंद्र वर्मा ने मुखाग्नि दी. इस दौरान मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं.
इससे पहले जितेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर रविवार सुबह दिल्ली से भोपाल पहुंचा था. वहां से वो सेना के एक ट्रक पर अपने गांव के अंतिम सफर पर रवाना हुए थे.
शहीद जितेंद्र कुमार वर्मा का शव जैसे ही उनके गांव धामंदा पहुंचा, वैसे ही पूरा गांव शोकाकुल हो गया. शहीद के शव की एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
शहीद जितेंद्र कुमार वर्मा की एक झलक पाने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा था. उनका शव देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद जितेंद्र वर्मा के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने का ऐलान किया है.
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद जितेंद्र वर्मा के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद की पत्नी को शासकीय नौकरी देने और स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की है.